भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज में जीत के बाद अपने चिर-परिचित अंदाज में आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि सैकड़ो मील दूर से आने वाली नाकारात्मक प्रतिक्रिया 'बंदूक की गोली के धुंए' की तरह उड़ गई।
टेस्ट सीरीज में जीत के बाद शास्त्री ने दिग्गज सुनील गावस्कर सहित उन सभी आलोचकों पर निशाना साधा जिन्होंने टीम के चयन और अभ्यास कार्यक्रम पर सवाल उठाया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे के 71 साल के क्रिकेट इतिहास में पहली बार टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज करने के बाद शास्त्री ने कहा, 'मैंने मेलबर्न में कहा था। मुझे लगता है कि मैंने टीम पर सवाल उठाने और अंधेरे में तीर चलाने वालों को जवाब दिया था।'
रवि शास्त्री ने कहा, 'मैं मजाक नहीं कर रहा था क्योंकि मुझे पता है कि इस टीम ने कितनी कड़ी मेहनत की है। जब आप इतने दूर से गोली चलाते हैं तो वह दक्षिणी गोलार्ध को पार करते समय धुंए की तरह उड़ जाती है।'
रविवार को चौथे दिन के खेल के बाद टेलीविजन चर्चा के दौरान मुरली कार्तिक ने कहा कि पर्थ में मिली हार टीम के लिए खतरे की घंटी की तरह थी। जिस पर गावस्कर ने कहा था, 'खतरे की यह घंटी कैसे बजी? क्योंकि हजारों मील दूर से उसकी आलोचना की गई जिसने टीम को जगाने का काम किया।'