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बावने की अर्धशतकीय पारी ने महाराष्ट्र को संभाला

Wed, 29 Jan 2014 05:08 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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रणजी ट्रॉफी में 73 साल से खिताबी सूखे को खत्म करने के इरादे से मैदान पर उतरी महाराष्ट्र टीम ने सधी हुई शुरुआत की है।
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हैदराबाद में खेले जा रहे टूर्नामेंट की खिताबी जंग में महाराष्ट्र ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कर्नाटक के खिलाफ पहले दिन का खेल खत्म होने तक पांच विकेट पर 272 रन बना लिए हैं।

स्टंप के समय क्रीज पर अंकित बावने (89 रन, 10 चौका) और संग्राम अतीतकर (29) खेल रहे हैं। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 57 रनों की साझेदारी हो चुकी है।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला महाराष्ट्र को रास नहीं आया और उसने 42 रन पर दो विकेट खो दिए। ओपनर चिराग खुराना ने टीम के लिए 64 रनों का योगदान दिया।
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हालांकि अंडर-19 टीम इंडिया के कप्तान विजय जोल इस मैच में नहीं चल पाए और महज पांच रन बनाकर आउट हो गए। जबकि मध्य क्रम में बल्लेबाज केदार जाधव ने 37 रन बनाए।

73 साल का सूखा खत्म करने पर नजर
शानदार फॉर्म में चल रही महाराष्ट्र की टीम बुधवार को जब यहां छह बार के चैंपियन कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल खेलने उतरेगी तो उसका लक्ष्य 73 साल का खिताबी सूखा खत्म करना होगा।

महाराष्ट्र ने इंदौर में खेले गए सेमीफाइनल में बंगाल को 10 विकेट से मात दी थी जबकि कर्नाटक ने पंजाब के खिलाफ पहली पारी में बढ़त के आधार पर फाइनल का टिकट हासिल किया।

महाराष्ट्र ने 1940-41 में अंतिम बार खिताब जीता था जबकि कर्नाटक 1998-99 में अंतिम बार घरेलू चैंपियन बना था। महाराष्ट्र की टीम 21 साल बाद फाइनल में पहुंची है जबकि कर्नाटक 2009-10 के बाद पहली बार फाइनल खेल रहा है।

महाराष्ट्र की टीम ग्रुप ‘सी’ में अपराजेय रही थी और फिर उसने क्वार्टर फाइनल में 40 बार की चैंपियन टीम मुंबई को शिकस्त दी थी। दोनों टीमों का इस सत्र में शानदार प्रदर्शन किया है उसे देखते हुए फाइनल में दोनों के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना है।

महाराष्ट्र के पास जीतने का शानदार मौका
रोहित मोटवानी की कप्तानी में महाराष्ट्र के पास इस बार खिताब जीतने का शानदार मौका है। टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभाग में शानदार प्रदर्शन कर रही है। उसके दो बल्लेबाज केदार जाधव और हर्षद खादीवाले इस सत्र में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में क्रमश: पहले और दूसरे नंबर पर है।

जाधव ने इस सत्र में दस मैचों में 89.50 के औसत से 1074 रन बनाए हैं जबकि खादीवाले के खाते में इतने ही मैचों में 980 रन हैं। इन दोनों के अलावा फॉर्म में चल रहे युवा बल्लेबाज विजय जोल से भी महाराष्ट्र को काफी उम्मीदें रहेगी। संग्राम अतीतकर भी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं और उन्होंने सेमीफाइनल में 168 रन की शानदार पारी खेलकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

जहां तक गेंदबाजी की बात है तो महाराष्ट्र के लिए समद फल्ला एक बार फिर तुरप का इक्का साबित हो सकते हैं। बाएं हाथ के इस मध्यम तेज गेंदबाज ने सेमीफाइनल में दस विकेट चटकाए थे और उन्होंने सीरीज में आठ मैचों में कुल 31 विकेट लिए हैं।

कर्नाटक की गेंदबाजी में है धार
दूसरी ओर, कर्नाटक की भी बल्लेबाजी और गेंदबाजी बहुत मजबूत है। कप्तान आर विनय कुमार के अलावा अभिमन्यु मिथुन, एचएस शरत और युवा स्पिनर श्रेयस गोपाल महाराष्ट्र के विजय रथ को थाम सकते हैं।
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तेज गेंदबाज विनय कुमार ने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में शानदार गेंदबाजी की थी और एक बार फिर टीम को उनसे ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।

कर्नाटक की बल्लेबाजी रोबिन उथप्पा, लोकेश राहुल, मनीष पांडे, मयंक अग्रवाल, चिदंबरम गौतम, अमित वर्मा और करण नायर पर निर्भर है। नायर और वर्मा ने सेमीफाइनल में शतक ठोके थे। लोकेश ने भी इस सत्र में नौ मैचों में 67.15 के औसत से 873 रन बनाए हैं जबकि पांडे के खाते में दस मैचों से 665 रन हैं।
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