बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले व कोषाध्यक्ष अजय शिर्के का अपने पदों से इस्तीफा दिया जाना रंग दिखाने लगा है।
इन इस्तीफों के चलते बने दबाव के बाद श्रीनिवासन ने आठ जून के बजाय न सिर्फ रविवार को ही बोर्ड वर्किंग कमेटी की बैठक बुला ली है बल्कि शर्तों के आधार पर अध्यक्ष पद से अलग होने को भी तैयार हो गए हैं।
यही नहीं विवादों पर चुप्पी साधे बैठे राजीव शुक्ला ने भी शनिवार की शाम कांग्रेस हाईकमान की नजरें तिरछी होने के बाद आईपीएल कमिश्नर पद से इस्तीफा दे दिया।
जी हां सूत्रों की मानें तो श्रीनिवासन ने इस्तीफा दिया जाना अब तक स्वीकार नहीं किया है। लेकिन वह पद छोड़ने को तैयार हो गए हैं। इसके लिए भी उन्होंने तीन शर्तें रखी हैं। उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले जगदाले और शिर्के को वह वापस बोर्ड में नहीं चाहते हैं।
बतौर अंतरिम अध्यक्ष उन्हें शशांक मनोहर की वापसी पर भी एतराज है। साथ ही जांच में कुछ नहीं निकलने पर वह एक बार फिर बोर्ड अध्यक्ष की कुर्सी संभालेंगे।
वहीं शुक्ला ने अपने इस्तीफे पर कहा कि शिर्के व जगदाले के इस्तीफे को ध्यान में रख विवादों के चलते वह इस पद से इस्तीफा दे रहे हैं। लेकिन उनके पद पर बने रहने के चलते कांग्रेस हाईकमान ने कुछ दिन पहले ही अपनी अपनी नाराजगी जता दी थी।
शनिवार की सुबह की बोर्ड उपाध्यक्ष अरुण जेटली ने साफ कर दिया कि 24 घंटों के अंदर नई चीजें सामनें आएंगी। वहीं अनुराग ठाकुर ने खुलासा किया कि पहले वर्किंग कमेटी की बैठक आठ जून को बुलाई गई थी लेकिन अब इसे रविवार को ढाई बजे बुलाया गया है।
यह बैठक चेन्नई में होगी। इसमें जगदाले व शिर्के को छोड़ कमेटी के 24 में 22 सदस्य हिस्सा लेंगे। जगदाले व शिर्के के इस्तीफे के बाद बोर्ड के पांचों उपाध्यक्षों के इस्तीफे की बातें भी सामने आईं। श्रीनिवासन के समक्ष इन इस्तीफों को लेकर भी दबाव बनाया गया।
शुक्रवार की रात तेजी से बदले घटनाक्रमों के बाद श्रीनिवासन बैठक बुलाने को तैयार हुए। दिग्गजों के मनाने के बाद वह शर्तों के आधार पर पद छोड़ने को तैयार हुए।
उन्होंने अपनी गैरमौजूदगी में अरुण जेटली को बतौर अंतरिम अध्यक्ष पसंद बनाया है। जगदाले और शिर्के को वापस बोर्ड में नहीं बुलाने की श्रीनिवासन ने शर्त जरूर रखी है। लेकिन यह नए अंतरिम अध्यक्ष पर ही निर्भर होगा कि इन दोनों को इस्तीफा वापस लेने के लिए कहा जाता है या नहीं।
पूर्व बोर्ड अध्यक्ष शरद पवार का वरदहस्त रखने वाले शशांक मनोहर के आने पर जगदाले व शिर्के की वापसी तय है। लेकिन जेटली के अध्यक्ष बनने पर भी यह तय नहीं है कि जगदाले और शिर्के बोर्ड से दूर रहेंगे। देर सवेर उनकी वापसी तय मानी जा रही है।
कल होने वाली वर्किंग कमेटी की बैठक में अंतरिम अध्यक्ष को लेकर भी नंबर गेम खेला जाएगा। जिसमें श्रीनिवासन का हाथ होने पर जेटली का पलड़ा भारी माना जा रहा है। जबकि पवार व डालमिया गुट की ओर से शशांक मनोहर या किसी अन्य पर दांव लगाया जाएगा।
हालांकि श्रीनिवासन ने शर्त में यह भी कहा है कि आईसीसी की होने वाली बैठकों में बोर्ड की ओर से वही शामिल होंगे। उनकी इस मांग का पूरा होना तय नहीं है।