पिछले 11 मैचों से दिल्ली डेयरडेविल्स ‘हार के भंवर’ में फंसी है। इस साल आईपीएल-8 में उसने अभी 2 मैच खेले हैं और दोनों ही बार टीम की कश्ती किनारे पर डूब गई।
बुधवार को जब जेपी डुमिनी की अगुआई वाली दिल्ली की टीम आईपीएल मुकाबले में भिड़ेगी तो हरचंद कोशिश हार का चक्रव्यूह तोड़ने की होगी। ऐसा नही है कि दिल्ली की टीम का प्रदर्शन खराब हो रहा है लेकिन स्पिनर इमरान ताहिर की तरह कइयों का मानना है कि भाग्य डेयरडेविल्स से रूठा हुआ है।
राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हार के बाद इमरान ताहिर ने कहा था कि हम भाग्य के मामले में थोड़ा पिछड़ गए हैं। दो मैचों में हमने अच्छा प्रदर्शन भी किया है लेकिन नजदीकी अंतर से पराजित हो गए। हम अच्छे परिणाम की उम्मीद कर रहे हैं। कोटला मैदान में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ इमरान ताहिर ने चार विकेट लिए थे।
ताहिर के अलावा अन्य स्पिनर अमित मिश्रा ने भी दो विकेट लिए थे लेकिन विपक्षी टीम अंतिम गेंद पर जीतने में सफल हो गई। अनुभवी जहीर खान और मोहम्मद शमी के अनफिट होने के बावजूद डेयरडेविल्स की गेंदबाजी कमजोर नहीं लगती। बल्लेबाजी भी मजबूत है।
चेन्नई के खिलाफ मैच में एल्बी मोर्केल ने नाबाद 73 रनों की पारी खेली थी। कप्तान डुमिनी ने भी नाबाद 44 रन किए थे। हार के बावजूद टीम ने आत्मविश्वास नहीं खोया है। एक जीत से बड़ा अंतर आ सकता है।
अगर दिल्ली यह मैच हार जाती है तो आईपीएल में सबसे खराब टीम का दर्जा उसे मिल जाएगा। लगातार 11 आईपीएल मैचों में हार का संयुक्त रिकार्ड है जिसकी पिछली बार दिल्ली ने पुणे वॉरियर्स की बराबरी की थी।