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विरोध के बाद फ्लिपकार्ट ने तोड़ा एयरटेल से रिश्ता

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इंटरनेट तटस्थता (नेट न्यूट्रैलिटी) को खतरे में डालने के आरोप और चौतरफा आलोचना के बाद ऑनलाइन रिटेल स्टोर फ्लिपकार्ट ने और संचार सेवाएं देने वाली कंपनी एयरटेल के एयरटेल जीरो प्लेटफार्म से हाथ खींच लिए हैं। फ्लिपकार्ट ने घोषणा की है कि उसने एयरटेल जीरो को लेकर एयरटेल के साथ चल रही बातचीत खत्म कर दी है।
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फ्लिपकार्ट के प्रवक्ता ने कहा कि हम हमेशा से नेट न्यूट्रैलिटी का समर्थन करते रहे हैं। हम आगे भी नेट न्यूट्रेलिटी के लिए काम करते रहेंगे। हम चाहेंगे कि इंटरनेट पर छोटी-बड़ी सभी प्रकार की कंपनियों के साथ समान व्यवहार हो। इसमें कोई भेदभाव न किया जाए।
 
गौरतलब है कि एयरटेल और फ्लिपकार्ट के बीच एक नए प्रोग्राम एयरटेल जीरो के लिए हुए कथित करार को लेकर इंटरनेट यूजर फ्लिपकार्ट पर नेट न्यूट्रैलिटी खत्म करने का आरोप लगा रहे थे।
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कारोबार के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी

नेट न्यूट्रैलिटी (इंटरनेट तटस्थता) के सिद्धांत के तहत माना जाता है कि इंटरनेट सेवा प्रदान करने वाली कंपनियां इंटरनेट पर हर तरह के डाटा को एक जैसा दर्जा देंगी।

दरअसल इंटरनेट के जरिए की जाने वाली फोन कॉल्स के लिए टेलीकॉम कंपनियां अलग कीमतें तय करने की कोशिश कर चुकी हैं और वे इसके लिए वेब सर्फिंग से ज़्यादा दर पर वसूली करना चाहती थीं। इसके बाद टेलीकॉम नियामक एजेंसी ट्राई ने आम लोगों से नेट न्यूट्रैलिटी पर राय मांगी है।

टेलीकॉम कंपनियां इस बात से परेशान हैं कि नई तकनीक ने उनके पारंपरिक कारोबार के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। व्हॉट्स ऐप जैसे इंस्टेंट मैसेजिंग एप ने एसएमएस सेवा को लगभग खत्म ही दिया है। इसलिए कंपनियां ऐसी सेवाओं के लिए ज्यादा रेट वसूलने की कोशिश में हैं, जो उनके कारोबार और कमाई पर असर डाल रही हैं। हालांकि इंटरनेट सर्फिंग जैसी सेवाएं कम रेट पर ही दी जा रही हैं।
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