आईपीएल मैच फिक्सिंग मामले में पहली बार राजनीतिक कनेक्शन भी मिला है। दिल्ली पुलिस जिस मो. याहिया के आका आमिर की तलाश कर रही है, उसका आंध्र प्रदेश के एक राजनीतिक दल में अच्छा रुतबा है।
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी माने जाने वाला आमिर पार्टी के बैनर तले दो बार विधायक का चुनाव लड़ चुका है।
हालांकि, वह दोनों बार मामूली अंतर से हार गया था। स्पेशल सेल की टीमें आमिर को पकड़ने के लिए हैदराबाद में दबिश दे रही हैं।
स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आमिर ने बुकी चंद्रेश पटेल उर्फ चांद से भी धोखाधड़ी की है। बुकीज के बीच धोखाधड़ी का भी यह पहला मामला है। चंद्रेश की आमिर से मुलाकात याहिया उर्फ यूसुफ ने कराई थी।
चंद्रेश हैदराबाद सनराइजर्स के खिलाड़ियों से संपर्क कर उनसे स्पॉट फिक्सिंग करवाना चाहता था। उसने चार युवकों को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाड़ी बताकर चंद्रेश से मिलवाया था।
हैदराबाद में हुई इस बैठक के दौरान फर्जी खिलाड़ियों से मिलवाते हुए आमिर ने चंद्रेश से कहा कि ये सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाड़ी हैं और सनराइजर्स हैदराबाद व पुणे वॉरियर्स के बीच होने वाले मैच में फिक्सिंग होगी।
बैठक में चंद्रेश ने आमिर को 28 लाख रुपये दे दिए थे। चंद्रेश व उनके ग्रुप ने मैच पर पांच करोड़ रुपये लगा दिए थे। लेकिन फर्जी खिलाड़ियों के चलते फिक्सिंग नहीं हो पाई और चंद्रेश पांच करोड़ रुपये हार गया।
याहिया ने खुलासा किया है कि जिन युवकों को आमिर ने चंद्रेश से मिलवाया था वे आमिर के गांव के लड़के थे।
वहीं, चंद्रेश पटेल ने स्पेशल सेल अधिकारियों के सामने दावा किया है कि उसने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाड़ियों से हाथ मिलाया था। दिल्ली पुलिस अब चंद्रेश के दावे की जांच कर रही है।