नेशनल टी20 टूर्नामेंट के दौरान "भ्रष्ट आचरण में शामिल होने" के अप्रोच की रिपोर्ट करने में विफल रहने पर अफरीदी को पिछले साल सितंबर में निलंबित कर दिया गया था। फैसले की घोषणा करते हुए पीसीबी ने कहा कि उसने अफरीदी के अनुरोध पर उनके मामले पर दयापूर्वक विचार करने का अनुरोध किया था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अनजाने में कोड का उल्लंघन किया था।
36 वर्षीय आसिफ अफरीदी पिछले साल सीमित ओवरों के मैचों में ऑस्ट्रेलिया का सामना करने वाले स्क्वॉड का हिस्सा थे, लेकिन उनमें से किसी मैच में खेले नहीं थे। पाकिस्तान क्रिकेट में मैच फिक्सिंग प्रतिबंधों का लंबा इतिहास रहा है, जिसमें पूर्व कप्तान सलीम मलिक और तेज गेंदबाज अता-उर-रहमान पर जीवन भर के लिए प्रतिबंध लगाया गया था। इनके अलावा वसीम अकरम और वकार यूनिस समेत छह शीर्ष क्रिकेटरों पर वर्ष 2000 में जुर्माना लगाया गया था।
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ को 2010 में इंग्लैंड में स्पॉट फिक्सिंग मामले में पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। दो साल बाद लेग स्पिनर दानिश कनेरिया पर इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में स्पॉट फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया था। हाल के दिनों में, उमर अकमल, शारजील खान, खालिद लतीफ, शाहजेब हसन, मोहम्मद नवाज और मोहम्मद इरफान को भी विभिन्न स्पॉट फिक्सिंग मामलों में प्रतिबंधित कर दिया गया था।