पैरा एशियाई खेलों के दूसरे दिन भारत ने चार स्वर्ण, छह रजत और 8 कांस्य पदक जीते। दिन का आकर्षण पति-पत्नी मनीष कौरव-प्राची यादव और लगातार दूसरे एशियाड में स्वर्ण जीतने वाले नीरज यादव रहे। भोपाल में टे्रनिंग करने वाली ग्वालियर की प्राची कनोइंग में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनी। वह केएल-2 कैटेगरी में जीतीं तो उनके पति मनीष कौरव ने कनोइंग में ही केएल-3 कैटेगरी में कांस्य पदक जीता। वहीं जकार्ता पैरा एशियाड में स्वर्ण जीतने वाले नीरज यादव ने लगातार दूसरे पैरा एशियाड में एशियाई रिकॉर्ड के साथ डिस्कस थ्रो की एफ-54, 55, 56 कैटेगरी में स्वर्ण जीता। दीप्ति जीवनजी ने महिलाओं की 400 मीटर टी-20 में और एमएस शरत ने पुरुषों की 5000 मीटर टी-13 कैटेगरी में देश को स्वर्ण पदक दिलाए। भारत को अब तक 10 स्वर्ण, 12 रजत और 13 कांस्य समेत कुल 35 पदक मिल चुके हैं। पदक तालिका में उसका चौथा स्थान है।
इस प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीतने वाले सभी पैरा खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। पैरा एशियाई खेलों के दूसरे दिन भारत ने चार स्वर्ण, छह रजत और आठ कांस्य पदक जीते।
पति से बोलीं प्राची यहां से खाली हाथ नहीं जाएंगे
हम दोनों यहां से खाली हाथ नहीं जाएंगे। प्राची ने हांगझोऊ में पहुंचने के बाद अपने पति मनीष से यही बात कही। प्राची सोमवार को रजत जीत गई। मनीष पर दबाव था, लेकिन उन्हें अपनी पत्नी के शब्द याद रहे, जो उनके पदक जीतने के लिए प्रेरणा बने। मनीष ने मंगलवार को जहां कांस्य जीता तो प्राची स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं। प्राची बताती हैं कि वे और मनीष एमपी वाटर स्पोट्र्स अकादमी, भोपाल में मिले थे और दोनों ने तीन वर्ष पहले शादी की है, लेकिन दोनों का एक साथ पदक जीतना उनकी जिंदगी की सबसे सुुखद उपलब्धि है।
पहले चलना बंद हुआ, फिर पिता को खोया अब पैरा एशियाड में दोहरा स्वर्ण
जावली (गाजियाबाद) के रहने वाले नीरज सात साल के थे जब न्यूरॉजिकल समस्या के चलते उनके शरीर के निचले हिस्से ने एकदम से काम करना बंद कर दिया। 2011 में उनके पिता का देहांत हो गया। नीरज ने इस दौरान व्हील चेयर टेनिस खेलना शुरू किया। वह देश के पहले पैरा व्हील चेयर टेनिस राष्ट्रीय चैंपियन बनें, लेकिन उपेक्षा के चलते उन्होंने यह खेल छोड़ एथलेटिक्स को अपना लिया। वह डिस्कस, शॉटपुट करने लगे। जकार्ता पैरा एशियाड में उन्होंने स्वर्ण जीता और मंगलवार को 38.56 की थ्रो लगाकर गेम्स और एशियाई रिकॉर्ड के साथ फिर स्वर्ण जीता। नीरज कहते हैं कि उनका लगातार दूसरे एशियाड में जीतने का सपना था, जो पूरा हो गया है। नीरज की इस कैटेगरी में टोक्यो पैरालंपिक के पदक विजेता योगेश कथूनिया ने रजत और मुत्थु राजा ने कांस्य जीता।
दूसरे दिन पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी
स्वर्ण
प्राची यादव-पैरा कनोए-केएल-2
दीप्ति जीवनजी-महिला 400 मीटर, टी-20
एमएस शरत-5000 मीटर, टी-13
नीरज यादव-डिस्कस थ्रो-एफ-54,55,56
रजत
सिमरन शर्मा-महिला 100 मीटर टी-12
अजय कुमार-पुरुष 400 मीटर टी-64
रुद्रांक्ष खंडेलवाल-10 मीटर एयर पिस्टल एसएच-1
रवि रोंगाली-पुरुष शॉटपुट एफ-40
योगेश कथूनिया-डिस्कस थ्रो एफ-54, 55, 56
प्रमोद-1500 मीटर, टी-46
कांस्य
मनीष कौरव-पैरा कनोइंग-केएल-3-कांस्य
गजेंद्र सिंह-पैरा कनोइंग-वीएल-2
एकता भ्यान-क्लब थ्रो एफ-32/51
मनीष नरवाल-पी-1, 10 मीटर एयर पिस्टल, एसएच-1
रूबिना फ्रांसिस-10 मीटर एयरपिस्टल, एसएच-1
मुत्थु राजा-डिस्कस थ्रो एफ-54, 55, 56
राकेश-1500 मीटर, टी-46
अशोक-पॉवरलिफ्टिंग-65 भार वर्ग