भारत के खिलाफ मिली शिकस्त के बाद पाकिस्तान की टीम के लिए टी-20 वर्ल्ड कप में वापसी करना एक चुनौती होगी। मंगलवार को उसका मुकाबला टूर्नामेंट में दो मैचों में दो जीत हासिल कर चुकी न्यूजीलैंड की टीम से है।
न्यूजीलैंड की टीम इस समय काफी संतुलित दिखाई दी रही है। ऐसे में सुपर 10 के ग्रुप टू का यह मुकाबला रोचक होने जा रहा है। मेजबान भारत और ऑस्ट्रेलियाई टीम को शिकस्त देकर न्यूजीलैंड के खिलाड़ी आत्मविश्वास से लबरेज हैं।
जबकि वर्ल्ड कप में भारत से मिली 11वीं शिकस्त के बाद आफरीदी एंड कंपनी के लिए राह आसान नहीं है क्योंकि 2009 की चैंपियन हाल ही में एशिया कप में भी शुरू में ही बाहर हो गई थी।
कीवी टीम को नॉकआउट चरण में पहुंचने के लिए सिर्फ एक जीत की दरकार है। शुरुआती दोनों मैचों में न्यूजीलैंड को मिली जीत में स्पिनरों की भूमिका अहम रही। टर्निंग पिच पर उनके गेंदबाजों ने काफी विकेट झटके। मीडियम पेसर मिचेल मैक्लेनाघन भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धर्मशाला में तीन विकेट हासिल करने में कामयाब रहे। मिचेल सैंटनर, ईश सोढी और नाथन मैककुलम की स्पिन तिकड़ी अपनी सटकी गेंदबाजी से विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर रहे हैं।
साथ ही कप्तान केन विलियम्सन ने अपने मुख्य पेसर टिम साउदी और ट्रेंट बोल्ट को अभी तक एक भी मैच में नहीं उतारा है। लिहाजा उनकी गेंदबाजी में काफी धार दिख रही है और साथ ही मैदान पर उनकी रणनीति को भी खिलाड़ी बखूबी अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तानी बल्लेबाजों के पास विलियम्सन एंड कंपनी की रणनीति से पार पाना आसान नहीं होगा।
हालांकि न्यूजीलैंड को अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देने की दरकार है। कोरी एंडरसन और ल्यूक रोंची की छोड़कर अन्य बल्लेबाज भारत के खिलाफ जूझते नजर आए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मार्टिन गुप्टिल ने 39 रन बनाए लेकिन विलियम्सन, कोलिन मुनरो और ग्रांट इलियट अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रहे हैं।
दूसरी ओर बांग्लादेश के खिलाफ मिली शुरुआती जीत के बाद पाकिस्तान की टीम ईडन गार्डन में मेजबान भारत से मिली हार के बावजूद संतुलित दिखती है।
कप्तान शाहिद आफरीदी, अनुभवी मोहम्मद हफीज बांग्लादेश के खिलाफ अच्छे साबित हुए लेकिन भारत के सामने उन्होंने घुटने टेक दिए। मोहम्मद आमिर और मोहम्मद सामी शुरुआती झटकों के बाद विराट कोहली को आउट करने में नाकाम रहे।