भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने 17 साल पहले आज के ही दिन अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने अपना पहला एकदिवसीय मैच में बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव में खेला था। इस दौरान माही कोई रन नहीं बना सके और वह रन आउट हुए थे। उन्हें तापस बैस्या की गेंद पर रन लेने के प्रयास में खालिद मसूद ने रन आउट किया था। इस मैच में भारत ने बांग्लादेश को 11 रनों से हराया था।
दुनिया के वेस्ट फिनिशर माने गए धोनी
महेंद्र सिंह धोनी ने अपने पहले मैच में भले ही कोई रन नहीं बना पाए लेकिन अपने क्रिकेट करियर में वह बेस्ट फिनिशर माने गए। इंटरनेशनल क्रिकेट करियर के दौरान माही ने भारत को कई मैच अंतिम ओवर में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए जिताए। धोनी का शुमार दुनिया के सबसे सफल विकेटकीपर बल्लेबाजों में किया जाता है। बीते साल 2020 में 15 अगस्त के दिन धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। इससे पहले वह साल 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके थे।
दुनिया के सबसे सफल कप्तान
एमएस धोनी का शुमार दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में किया जाता है। वह आईसीसी के तीनों खिताब जीतने वाले विश्व के पहले क्रिकेटर हैं। उन्होंने अपनी कप्तानी में साल 2007 में टी-20 विश्व कप जीता। उसके चार साल बाद 2011 में धोनी अपनी कप्तानी में भारत को 50 ओवर के विश्व कप जिताने में सफल रहे। इसके अलावा साल 2013 में माही की कप्तानी में भारत ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती।
2009 में भारत बना टेस्ट में नंबर वन
धोनी को ज्यादातर सीमित क्रिकेट में महान बताया गया है। लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि उनकी ही कप्तानी में भारत साल 2009 में टेस्ट में नंबर वन बना था। इसके बाद भारतीय टीम 600 से अधिक दिनों तक टेस्ट क्रिकेट की रैंकिंग में शीर्ष पर रही। वह भारतीय सरजमीं पर सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने वाले देश के पहले कप्तान हैं। धोनी ने भारतीय धरती पर 21 टेस्ट जीते थे। आईसीसी के मुताबिक, धोनी 656 दिन 2006 से 2010 तक पुरुषों की वनडे आईसीसी रैंकिंग में टॉप पर रहे। उन्हें साल 2008 और 2009 में आईसीसी वनडे प्लेयर का अवॉर्ड मिला