भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर राहुल द्रविड़ की जगह टीम इंडिया के मुख्य कोच का पद संभालने के लिए तैयार हैं। गंभीर इस महीने के अंत में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज से कार्यकाल शुरू करेंगे। इससे पहले, उन्होंने खिलाड़ियों के चोट प्रबंधन (इंजुरी मैनेजमेंट) और कार्यप्रबंधन (वर्कलोड) को लेकर अपने विचार रखे।
गंभीर हमेशा ही स्पष्ट बात बोलने के लिए जाने जाते हैं और उनका कहना है कि वह खिलाड़ियों के लिए चोट प्रबंधन जैसी नीति पर विश्वास नहीं रखते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर खिलाड़ी फॉर्म में है तो उसे सभी प्रारूप में खेलना चाहिए।
तीनों प्रारूप में खेलने पर दिया जोर
गंभीर ने एक स्पोर्ट्स चैनल से कहा, मैं हमेशा इस बात पर जोर देता हूं कि अगर आप सक्षम हैं और फॉर्म में हैं तो आपको सभी तीनों प्रारूप में खेलना चाहिए। मैं कभी चोट प्रबंधन के पक्ष में नहीं रहा। अगर आप चोटिल हैं तो जाइए और इससे उबर कर वापसी करिए। आप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं और सक्षम भी हैं। आप किसी भी शीर्ष खिलाड़ी से पूछिए वे सभी तीनों प्रारूप में खेलना चाहते हैं। वे कभी लाल गेंद या सफेद गेंद के खिलाड़ी बनना पसंद नहीं करते।
'चोट खिलाड़ी के जीवन का हिस्सा'
इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा कि चोटिल होना खिलाड़ियों के जीवन का हिस्सा है और इससे रिकवरी करके ही पार पाया जा सकता है, ना किसी चोटिल प्रबंधन से यह समस्या सही होगी। उन्होंने कहा, चोटिल होना खिलाड़ियों के जीवन का हिस्सा है। अगर आप तीनों प्रारूप में खेल रहे हैं तो चोटिल हो सकते हैं। ऐसा होने पर आपको रिकवरी पीरियड में जाना होगा और उबरने के बाद तीनों प्रारूप में खेलना चाहिए। मैं इस चीज का समर्थक नहीं हूं कि ठीक है हम इस खिलाड़ी को टेस्ट के लिए रखेंगे और इसे अन्य प्रारूप के लिए तथा खिलाड़ियों के चोट प्रबंधन पर ध्यान देंगे।
ज्यादा से ज्यादा खेलने पर दिया महत्व
गंभीर ने राहुल द्रविड़ की जगह यह पदभार संभाला है। 42 साल के गंभीर भारतीय टीम के सबसे युवा मुख्य कोच हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पेशेवर खिलाड़ी के लिए करियर में ज्यादा ये ज्यादा खेलना कितना महत्वपूर्ण है क्योंकि उनका पेशेवर करियर काफी सीमित होता है। गंभीर ने कहा, पेशेवर क्रिकेटरों का करियर काफी छोटा होता है। जब आप अपने देश के लिए खेल रहे हो तो आप चाहते हो कि ज्यादा से ज्यादा मैच खेलूं। जब आप अच्छी फॉर्म में हैं तो सभी तीनों प्रारूप में खेलें।