आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में भूमिका स्पष्ट हो जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से एन श्रीनिवासन की काफी समय पहले ही छुट्टी कर दी थी। कुछ समय के लिए चर्चाओं से दूर हुए श्रीनिवासन के कारनामें एक बार फिर सामने आ गए है।
मामला इस बार आईपीएल से जुड़ा हुआ है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश जिसमें श्रीनिवासन पर बीसीसीआई पद पर रहते हुए अपने निजी लाभ उठाने का आरोप लगा था। श्रीनिवासन की एक कंपनी इंडिया सीमेंट चेन्नई सुपर किंग्स की मालिक है। जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद श्रीनिवासन बेचना चाह रहे हैं।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि वह 15 सौ करोड़ की फ्रेंचाइजी को कौड़ियों के दाम सिर्फ 5 लाख रुपए में बेचने की फिराक में थे। जिससे बीसीसीआई को करीब 3 करोड़ की चपत लगती।
नियमों के अनुसार आईपीएल की किसी टीम की फ्रेंचाइजी को बेचने पर खरीददार कंपनी को बीसीसीआई को खरीदे मूल्य का 5 प्रतिशत हिस्सा देना पड़ता है। ऐसे में चेन्नई सुपरकिंग्स को मात्र 5 लाख रुपए में बेचने से बीसीसीआई के पास सिर्फ 25 हजार रुपए ही आ पाते।
इस मामले का खुलासा रविवार को बीसीसीआई की बोर्ड बैठक में हुआ। बोर्ड ने टीम की खरीद पर तत्काल रोक लगाते हुए इस संबंध में कानूनी सलाह मांगी है। जो टीम की असल कीमत बताएगी। तब तक चेन्नई सुपर किंग्स की फ्रेंचाइजी की खरीद पर रोक लग गई है।
2008 में चेन्नई सुपरकिंग्स की फ्रेंचाइजी को 364 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। पिछले वर्ष इसकी कीमत 450 करोड़ रुपए आंकी गई थी। जबकि इस वक्त बाजार में इसकी कीमत 15 सौ करोड़ रुपए बताई जा रही है।