आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान नई सनसनी के रुप में सामने आए हैं। यंग बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर के लिए अपना पहला आईपीएल बेहद खास रहा। वह टूर्नामेंट के सबसे उभरते हुए क्रिकेटर भी चुने गए।
आईपीएल इतिहास में यह पहली बार है जब यह पुरुस्कार किसी विदेशी क्रिकेटर को दिया गया। टूर्नामेंट के बाद अपने घर लौटे मुस्ताफिजुर ने एटीएन न्यूज से बातचीत में कई बातों का खुलासा किया।
इन खुलासों में उन्होंने अपने निक नेम फिज पर भी चर्चा की, बताया कि यह नाम उन्हें कहां से मिला और किसने दिया। इसके अलावा मीडिया में चल रही कुछ गॉसिप पर भी चुप्पी तोड़ी।
ऐसे पड़ा फिज नाम
युवा गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान ने बताया कि उनका नाम काफी बड़ा है, इसलिए उनकी टीम बांग्लादेश के कोच रहे चंडिका को उनका नाम पुकारते हुए कठिनाई होती थी, उन्होंने ही फिज नाम दिया।
एक घटना का जिक्र करते हुए मुस्ताफिजुर ने बताया कि फिज नाम मिलने से पहले एक दिन वह ट्रेनिंग सेशन की लिस्ट पड़ रहे थे, उन्हें अपना नाम गायब दिखा, लेकिन एक नाम टीम के किसी खिलाड़ी से मेल नहीं खाता था, वह था फिज।
तभी कोच ने उन्हें बताया कि तुम्हारा ही नाम फिज है। आगे मुस्ताफिजुर बताते हैं कि वह सब बातें अफवाह थी कि उन्हें अपनी आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद में खिलाड़ियों से बात करने के लिए मीडिएटर की जरुरत पड़ती थी। जबकि शिखर धवन, आशीष नेहरा और भुवनेश्वर कुमार अच्छी बांग्ला भाषा बोल लेते हैं। यही नहीं बकौल मुस्ताफिजुर, वह कोच टॉम मूडी और ट्रैंट बोल्ट को बांग्ला भाषा में "केमोन अच्छो? भालो अच्छी (आप कैसे हैं, मैं ठीक हूं)" भी सिखा चुके हैं।