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मुरली का शतक, वीरू के लिए खतरे की घंटी

Wed, 06 Feb 2013 08:43 PM IST
मुंबई/इंटरनेट डेस्क
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तमिलनाडु के ओपनर मुरली विजय ने 116 रन की शानदार पारी खेलते हुए टीम इंडिया में ओपनिंग स्थान के लिए अपना दावा मजबूती के साथ पेश कर दिया। मुरली ने शतक जड़कर शेष भारत को मुंबई के खिलाफ पांच दिवसीय ईरानी ट्रॉफी मैच के पहले दिन पांच विकेट पर 330 रन की मजबूत स्थिति में पहुंचा गया।
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युवा मुरली ने दिल्ली के शिखर धवन (63) के साथ पहले विकेट के लिए 38 ओवर में 144 रन की ठोस साझेदारी की। उन्होंने 206 गेंदों में 17 चौकों और एक छक्के की मदद से 116 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए अपना दावा पेश किया।

विजय जब तीसरे विकेट के रूप में आउट हुए तब शेष भारत का स्कोर 231 रन पहुंच चुका था। मनोज तिवारी ने 37, अंबाती रायुडू ने 51 और सुरेश रैना ने नाबाद 36 रन बनाए। रायुडू ने अपनी पारी के दौरान प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पांच हजार रन भी पूरे कर लिए। मुंबई की तरफ से अभिषेक नायर ने 19 ओवर में 49 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
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मुरली ने भुनाया ओपनिंग का मौका
भारतीय टीम 22 फरवरी से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भिड़ेगी। इस लिहाज से भी सहवाग के लिए यह मैच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। वीरू के बाहर होने के कारण शिखर धवन और मुरली विजय को ओपनिंग का मौका मिला। विजय ने इसका भरपूर फायदा उठाया और शतकीय पारी खेल राष्ट्रीय टीम के लिए एक बार फिर से अपनी दावेदारी पेश कर दी।

नहीं उतरे वीरू, भज्जी ने संभाली कमान
खराब फॉर्म के कारण वन-डे टीम से बाहर चल रहे ओपनर वीरेंद्र सहवाग के पास इस मैच से खुद को साबित करने का एक अच्छा मौका था लेकिन मैच की शुरुआत से ठीक पहले पेट में तकलीफ के कारण उन्हें मैच से बाहर होना पड़ा। बाद में उनकी जगह हरभजन सिंह ने शेष भारत टीम की कप्तानी संभाली।

भारतीय टीम 22 फरवरी से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भिड़ेगी। इस लिहाज से भी सहवाग के लिए यह मैच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। वीरू के बाहर होने के कारण शिखर धवन और मुरली विजय को ओपनिंग का मौका मिला। विजय ने इसका भरपूर फायदा उठाया और शतकीय पारी खेल राष्ट्रीय टीम के लिए एक बार फिर से अपनी दावेदारी पेश कर दी।

राष्ट्रीय टीम को लेकर ज्यादा नहीं सोचताः मुरली
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद चार साल से ज्यादा के अपने कैरियर में सिर्फ 12 टेस्ट मैच खेलने को लेकर मुरली विजय हतोत्साहित नहीं हैं। इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में हुई चार मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भी विजय टीम में शामिल थे लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में मौका नहीं मिल सका।

ईरानी ट्रॉफी मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद 28 वर्षीय विजय ने कहा, ‘रिजर्व ओपनर के रूप में शामिल होना एक तरह की चुनौती है लेकिन एक पेशेवर खिलाड़ी होने के नाते आपको इससे गुजरना पड़ता है। आपको इस चुनौती को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना होता है न कि बैठे बैठे यह सोचें कि मैं मैच क्यों नहीं खेल पा रहा। मुझे जब भी मौका मिलेगा मैं अपना सौ फीसदी देने की कोशिश करूंगा।’
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