दूसरे टेस्ट में नाबाद शतक बनाकर टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाने वाले ओपनर मुरली विजय ने कहा कि वह इस बार चेन्नई में खेले गए पहले टेस्ट में की गई गलती को दोहराना नहीं चाहते थे।
129 रन बनाकर खेल रहे विजय ने मैच के बाद कहा कि मैं उन गलतियों से बाहर आने के बारे में सोच रहा था जो मैंने पहले टेस्ट में की थी। मैं खुद को इस बात के लिए तैयार कर रहा था कि अब अपना विकेट नहीं गंवाना है।
यह पूछने पर कि इस पारी से उन्हें टीम में अपनी जगह स्थापित करने में मदद मिलेगी, विजय ने कहा कि मैं इस बारे में नहीं जानता लेकिन मैं इस समय अपने प्रदर्शन से खुश हूं।
मैं विकेट पर ज्यादा से ज्यादा देर तक टिके रहना चाहता था। टीम को अच्छी शुरुआत देना हमेशा अच्छा लगता है। ऐसी साझेदारी हमेशा नहीं होती है। मैंने पुजारा (नाबाद 162) के साथ 294 रन की साझेदारी का पूरा आनंद उठाया। पुजारा ने वाकई शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं।
चेन्नई टेस्ट में मुझे दुख हुआ था क्योंकि मैंने दूसरी पारी में अपना विकेट गंवा दिया था। लेकिन इस बार मैं विकेट पर लंबे समय तक टिके रहने के लिए प्रतिबद्ध था। मेरा यही लक्ष्य था। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि विकेट कैसा है। मुझे इस बात की खुशी है कि मैंने टीम को ठोस शुरुआत दी।
भारतीय खिलाड़ियों का हुआ डोप टेस्ट
विशाखापटनम। भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में पहली बार टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों का डोप टेस्ट किया गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक बीसीसीआई की नेतृत्व वाली डोप टीम ने पूर्व हॉकी ओलंपियन वेस पेस की निगरानी में टूर्नामेंट के हर मैच के दौरान खिलाड़ियों के औचक आधार पर सैंपल लिए।