बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी उखड़ पड़े। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट में कुछ बुरा होता है तो मुझे जिम्मेदार ठहराया जाता है। अगर मेरी कप्तानी छोड़ने से टीम को जीत में मदद मिलती है तो कप्तानी छोड़ने को तैयार हूं।
विज्ञापन
बांग्लादेश के खिलाफ पहले वनडे में गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान से रन लेने के दौरान टक्कर के बाद गेंदबाज रहमान को उपचार के लिए ले जाना पड़ा। मैच रेफरी ने जानबूझकर धक्का मारने का दोषी ठहराते हुए मैच फीस का 75 प्रतिशत जुर्माना किया। पहली बार कैरियर में धोनी को ऐसे आचरण का दोषी पाया गया।
आईपीएल 2015 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ पहले क्वालीफायर में धोनी पर अंपायर के निर्णय पर सार्वजनिक टिप्पणी के लिए 10 प्रतिशत जुर्माना किया गया। धोनी ने हार के बाद साथी बल्लेबाज ड्वेन स्मिथ को आउट दिए जाने के अंपायर के निर्णय को भयंकर निर्णय करार दिया था। इससे पहले वर्ष 2012 में उन्होंने अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ अंपायर अलीम दार के निर्णय पर बड़ी बहस भी की थी।
विज्ञापन
धोनी के समर्थन में आगे आए पूर्व क्रिकेटर
बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली अप्रत्याशित हार के बाद आलोचना के केंद्र में आए महेंद्र सिंह धोनी ने कप्तानी छोड़ने का प्रस्ताव रखा है लेकिन कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने इस तरह के किसी निर्णय का विरोध किया है।
मैच के बाद धोनी ने कहा था, "अगर मेरी वजह से भारतीय क्रिकेट में गलत हो रहा है तो मैं कप्तानी छोड़कर एक खिलाड़ी के तौर पर खेलने को तैयार हूं।"
इसके बाद पूर्व भारतीय कप्तानों में दिलीप वेंगसरकर और अजित वाडेकर तथा क्रिकेटरों में चेतन चौहान, चंदू बोर्डे, सैय्यद किरमानी और किरण मोरे ने धोनी का जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि धोनी को कप्तान बनाए रखा जाना चाहिए।
यह कहा पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने
पूर्व भारतीय टेस्ट कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि कोई धोनी का स्थान ले सकता है। उन्होंने हाल ही में भारत को विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंचाया और यह उसके बाद पहली सीरीज है। उन्हें कप्तान बनाए रखा जाना चाहिए। मैं बांग्लादेश में मिली हार के लिए किसी एक खिलाड़ी को दोष नहीं मानते। भारत को पूरी टीम के लचर प्रदर्शन के कारण सीरीज गंवानी पड़ी। धोनी ने मीडिया से जो कुछ कहा वह केवल निराशा में कहा।"
पूर्व कप्तान अजीत वाडेकर ने कहा, "धोनी अब भी वनडे और टी-20 में भारत की अगुआई करने के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति है। उन्हें कप्तान बनाए रखा जाना चाहिए। हार चौंकाने वाली है। शायद उन्होंने बांग्लादेश को गंभीरता से नहीं लिया। उन्हें संभवत: वनडे सीरीज की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला।"
वहीं, पूर्व विकेटकीपर सैय्यद किरमानी ने भी धोनी को वनडे टीम का कप्तान बनाए रखने का समर्थन किया है। बकौल किरमानी, "मैं धोनी को कप्तान बनाए रखना चाहूंगा। वह बड़े प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं। आपको उनके खिलाफ कठोरता दिखाने की जरूरत नहीं है, सिर्फ इसलिए कि वह बांग्लादेश के खिलाफ एक सीरीज हारे हैं। यह केवल क्षणिक अवस्था है। हमेशा हार के बाद यह भावना रहती है कि कप्तान को हटाया जाना चाहिए। ये सभी चीजें तब आती हैं जब कप्तान कोई सीरीज गंवाता है या उसका फॉर्म खराब होता है।"
चंदू बोर्डे ने कहा, "इंग्लैंड ने इससे पहले कई कप्तान बदले हैं लेकिन वे उसको भुना नहीं पाए। आखिरकार टीम का एकजुट प्रदर्शन मायने रखता है। आप कुछ मैच जीतते हैं और कुछ हारते हैं। यह एक सीखने की प्रक्रिया है। बांग्लादेश सीरीज में मिली हार भी एक मसला है और धोनी को कप्तान बनाए रखा जाना चाहिए। बांग्लादेश ने हमें चौंकाया है। हमारे लड़कों ने बेहतरीन प्रदर्शन नहीं किया जबकि बांग्लादेश के खिलाड़ियों का बॉडी लैंग्वेज कमाल का था।"
टीम इंडिया के पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज चेतन चौहान ने कहा कि "धोनी में आज भी नेतृत्व क्षमता है और कप्तान बदलने की कोई जरूरत नहीं है। हम किसी एक खास सीरीज पर फैसला नहीं ले सकते हैं। मैं यह भी चाहूंगा कि विराट इस सीरीज टेस्ट में केवल कप्तानी करे। मेरी माने तो धोनी को अगले साल भारत में होने वाले टी- 20 वर्ल्ड कप तक वनडे और टी-20 का कप्तान बनाए रखा जाना चाहिए। वह एक अच्छा कप्तान और खिलाड़ी है। बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे वनडे में अजिंक्य रहाणे जैसे खिलाड़ी को बाहर रखने के उनके फैसले ने मुझे आहत किया है।"
पूर्व भारतीय विकेटकीपर किरन मोरे ने कहा कि "कप्तान बदलने की पहल करना अनावश्यक है। मेरा मानना है कि धोनी अब भी सर्वश्रेष्ठ है और उसे भारत के लिए काफी कुछ किया है। हमें अनावश्यक इस हार को तूल देने की जरूरत नहीं है। हमें विकल्प तलाशने चाहिए और नए चेहरे को आगे लाना चाहिए। हमें गेंदबाजी विभाग में कुछ समस्या लग रही है। मैं जडेजा से निराश हूं। उसने आईपीएल में अच्छा नहीं किया है। उसे ब्रेक देना चाहिए। भुवनेश्वर कुमार भी अच्छे नहीं लग रहे हैं। हमें आज भी टीम में एक अच्छे लेग स्पिनर की तलाश है।"
पूर्व विकेटकीपर विजय दहिया का कहना है कि "वनडे कप्तानी में कोई भी बदलाव की अभी दरकार नहीं है। धोनी जानता है कि हालात के अनुरूप कैसे खेला जाता है। मैं धोनी को कप्तान बनाए रखने की वकालत करता हूं क्योंकि वह टेस्ट से संन्यास के बाद क्रिकेट के अन्य दो प्रारूपों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और यह उसकी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।"