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MS Dhoni-Ravindra Jadeja: 37 दिन में ही दबाव के आगे झुके रवींद्र जडेजा, जानें बीच सीजन में क्यों छोड़ी CSK की कमान?

Sat, 30 Apr 2022 09:59 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

37 दिन पहले 24 मार्च को धोनी की जगह जडेजा को आईपीएल की दूसरी सफल टीम चेन्नई सुपरकिंग्स की कमान सौंपी गई थी। 40 साल के धोनी की मौजूदगी में उन्हें कप्तानी के गुर सीखने थे, लेकिन आठ मैचों के बाद ही जडेजा ने हटने का फैसला ले लिया। अब महेंद्र सिंह धोनी फिर से टीम की कमान संभालेंगे।
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रवींद्र जडेजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चेन्नई सुपरकिंग्स के रवींद्र जडेजा ने आईपीएल के बीच सीजन में ही कप्तानी छोड़ दी है। आईपीएल इतिहास में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि जब किसी कप्तान ने बीच सीजन में कप्तानी छोड़ी है या उन्हें हटाया गया हो। डेक्कन चार्जर्स ने पहले सीजन में छह मुकाबलों के बाद ही वीवीएस लक्ष्मण को कप्तानी से हटाया दिया था। वहीं, पिछले सीजन में कोलकाता नाइटाराइडर्स ने पिछले सीजन में दिनेश कार्तिक को हटाकर इयॉन मॉर्गन को कमान सौंप दी थी।
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अब सवाल उठता है कि ऐसा क्या हुआ कि जडेजा को बीच में ही कप्तानी छोड़नी पड़ी। 37 दिन पहले 24 मार्च को महेंद्र सिंह धोनी की जगह उन्हें आईपीएल की दूसरी सफल टीम चेन्नई सुपरकिंग्स की कमान सौंपी गई थी। 40 साल के धोनी की मौजूदगी में उन्हें कप्तानी के गुर सीखने थे, लेकिन आठ मैचों के बाद ही जडेजा ने हटने का फैसला ले लिया। अब महेंद्र सिंह धोनी फिर से टीम की कमान संभालेंगे।
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महेंद्र सिंह धोनी और रवींद्र जडेजा - फोटो : IPL/BCCI
जडेजा के कप्तानी छोड़ने के कारण:
टीम का खराब प्रदर्शन:
जडेजा को कप्तान बनाए जाने के बाद ऐसा लगा था कि वो नई सोच के साथ टीम को आगे ले जाएंगे। धोनी ने 2008 से टीम को शीर्ष तक पहुंचाया। 2020 सीजन को छोड़ दें तो टीम उनके नेतृत्व में हर बार प्लेऑफ में पहुंची थी। जडेजा से भी वही उम्मीद थी, लेकिन टीम के खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें हटना पड़ा। चेन्नई ने आठ में से सिर्फ दो मैच जीते हैं।

जडेजा ने भी किया निराश: कप्तानी का असर जडेजा के प्रदर्शन पर देखने को मिला। उन्होंने इस सीजन के आठ मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है। उन्होंने 22.40 की औसत से 112 रन ही बनाए हैं। इस दौरान जडेजा का उच्चतम स्कोर नाबाद 26 रन रहा। उनके बल्ले से सिर्फ छह चौके और पांच छक्के निकले। जडेजा का स्ट्राइक रेट 121.74 का रहा। गेंदबाजी में भी जडेजा कोई कमाल नहीं दिखा सके। उन्होंने 8.19 की इकोनॉमी रेट से पांच विकेट ही लिए हैं।

अनुभवी खिलाड़ियों को नहीं संभाल सके: चेन्नई सुपरकिंग्स में ज्यादातर खिलाड़ी जडेजा से सीनियर हैं। महेंद्र सिंह धोनी, अंबाती रायुडू, रॉबिन उथप्पा, ड्वेन ब्रावो, मोईन अली और क्रिस जॉर्डन के पास जडेजा से ज्यादा अनुभव हैं। उम्र में भी सभी इस खिलाड़ी से बड़े हैं। इतनी अनुभवी टीम को संभालना आसान काम नहीं है। यह मैदान पर भी दिख रहा था। जडेजा के रहते धोनी कप्तानी वाला काम करते थे। ब्रावो कई बार मैच में जडेजा की जगह धोनी से सलाह लेते थे या फील्डिंग में बदलाव करवाते थे।
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