भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका पहले टेस्ट के दौरान मोहम्मद शमी की कमी काफी महसूस की गई। वह चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए। इस साल हुए वनडे विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले शमी के बारे में एक बड़ा खुलासा हुआ है। वह दर्द के बावजूद पूरे विश्व कप में खेले थे और उन्होंने कई बार इंजेक्शन भी ली थी। टीम इंडिया विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी। उसने लगातार 10 मैच जीते थे, लेकिन खिताबी मुकाबले में हार गई थी।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने बंगाल टीम में शमी के एक पूर्व साथी के हवाले से लिखा, ''शमी को बाईं एड़ी की पुरानी समस्या है। बहुत से लोग नहीं जानते कि उन्होंने विश्व कप के दौरान नियमित रूप से इंजेक्शन लिए और दर्द के बावजूद पूरा टूर्नामेंट खेला। आपको यह समझना चाहिए कि जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं तो हर छोटी या बड़ी चोट को ठीक होने में समय लगता है।''
विश्व कप में ऐसा था शमी का प्रदर्शन
शमी को हार्दिक पांड्या के चोटिल होने के बाद विश्व कप में खेलने का मौका मिला। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ धर्मशाला में पहला मैच खेला था और पांच विकेट लेकर सनसनी मचा दी थी। इसके बाद शमी ने इंग्लैंड के खिलाफ चार, श्रीलंका के खिलाफ पांच और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो विकेट लिए। सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड पर कहर बरपा दिया और सात विकेट झटक लिए। फाइनल में वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक ही विकेट ले पाए और टीम इंडिया हार गई। इस तरह शमी ने विश्व कप में सात मैचों में 24 विकेट लिए।
टीम इंडिया को खली शमी की कमी
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में टीम इंडिया की हार के बाद पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर को तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की याद आई थी। उन्होंने कहा था, ''भारत को मोहम्मद शमी की कमी खली। आप वहां पिच से अधिकतम लाभ लेना चाहते हैं। हवा में मूवमेंट की तलाश नहीं करते हैं। शमी सबसे अच्छा क्या करते हैं? उन्हें भारतीय पिचों पर मूवमेंट मिलता है, जहां शायद ही किसी को मिलता है।'' मांजरेकर ने कहा कि अगर भारतीय गेंदबाजों को मौजूदा सीरीज में बराबरी हासिल करनी है तो उन्हें अपनी योजनाओं में बदलाव करना होगा। उन्होंने कहा, "स्कोरबोर्ड पर कुछ और रन बनाने के अलावा मुख्य बात यह है कि आपको अलग तरह से गेंदबाजी करनी होगी।"
शमी की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका में उनका रिकॉर्ड शानदार है। उन्होंने आठ मैचों में 3.12 की इकोनॉमी रेट से 35 विकेट लिए हैं। उन्होंने दो बार पांच विकेट लिए हैं। दो साल पहले जब भारत ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था तब शमी टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे।