अब तक तेज गेंदबाजों की मददगार मानी जा रही मोहाली की पिच सीरीज के तीसरे टेस्ट में भारत और ऑस्ट्रेलिया को चकमा दे सकती है। मोहाली पिच के क्यूरेटर रहे दलजीत सिंह ने कहा कि इस बार पिच काफी बदला हुआ व्यवहार करेगी।
बीसीसीआई मैदान और पिच समिति के प्रमुख दलजीत ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलियाई टीम मैनेजमेंट को यह नहीं सोचना चाहिए कि मोहाली की पिच तेज गेंदबाजों को मदद करेगी। मालूम हो कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज का तीसरा टेस्ट मोहाली में 14 मार्च से खेला जाएगा।
दलजीत ने कहा, 'मार्च का महीना चल रहा है और गर्मियों का असर दिखने लगा है। ऐसे में आप खुद अंदाजा लगा सकते है कि विकेट किस तरह खेलेगा। विकेट को देखने से ऐसा नहीं लगता कि इस पर तेज गेंदबाजों को कोई खास मदद मिल पाएगी।
धोनी ने बनवाई स्पिन पिच
दलजीत ने कहा कि भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सीरीज शुरू होने से पहले ही बीसीसीआई से स्पिन पिच की मांग की थी। धोनी की इस मांग पर बीसीसीआई ने भी मुहर लागा दी थी। धोनी की इसी मांग को ध्यान में रखते हुए मोहाली की पिच को हरसंभव स्पिन ट्रैक बनाने का प्रयास किया गया है।
पिच देखकर कंगारू कोच घबराए
सीरीज के शुरुआती दो मैचों में स्पिन ट्रैक पर बेबस दिखी ऑस्ट्रेलियाई टीम को मोहाली में भी निराशा हाथ लग सकती है। ऑस्ट्रेलियाई कोच मिकी ऑर्थर ने मोहाली की पिच का निरीक्षण करने के बाद उदास दिखे। ऑर्थर ने कहा कि मोहाली की पिच से तेज गेंदबाजों को मामूली फायदा मिलेगा।
ऑस्ट्रेलियाई कोच ने कहा, 'मेरा मानना है कि अपने ही देश में खेल रही टीम को घरेलू स्थितियों का फायदा मिलना ही चाहिए। अगर भारत आकर भी मेरे खिलाड़ियों को भारतीय स्पिन गेंदबाजी और स्पिन के लिए मददगार पिचों से सामना नहीं होता तो मुझे काफी निराशा होती। अन्तत: यह मैच मेरे खिलाड़ियों के लिए एक सबक की तरह हैं जो मेरे खिलाड़ियों को अपने खेल में और सुधार करने में मदद करेगी।'
हालांकि ऑस्ट्रेलिया के युवा ऑलराउंडर हेनरिक्स ने उम्मीद जताई है कि मोहाली की पिच तेज गेंदबाजों को मदद करेगी।
उल्लेखनीय है कि चार मैचों की टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया शुरुआती दो मैच हार चुका है। सीरीज का तीसरा मैच मोहाली में 14 मार्च से शुरू होगा।