वेस्टइंडीज के पूर्व तूफानी गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने भारतीय क्रिकेट टीम की जमकर तारीफ की है। उनका मानना है कि टीम का फिटनेस स्तर और दृष्टिकोण में बदलाव ने मौजूदा भारतीय टीम को पूरी तरह से बदल दिया है। उन्होंने कहा, पुराने क्रिकेटरों का कौशल स्तर वर्तमान खिलाड़ियों की तरह था, भारत में जिस तरह से पिचों का विकास और सुधार हुआ उसी वजह से भारतीय बल्लेबाजों को विदेशी सरजमीं पर भी सफलता मिली है।
होल्डिंग ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, जब भारतीय क्रिकेट की बात आती है तो यह बिलुकल अलग युग है, जब मैं भारत के खिलाफ खेला करता था संभवत: उस समय की भारतीय टीम में सिर्फ 2 खिलाड़ी फिट होते थे, लेकिन इस समय टीम का हर खिलाड़ी चुस्त नजर आता है, आप देख सकते हैं कि वे मैदान पर कितने एथलेटिक और गतिशील नजर आते हैं।
होल्डिंग ने आगे कहा कि टीम का कौशल स्तर वास्तव में नहीं बदला है, लेकिन जब आपके पास फिटनेस और कौशल स्तर के साथ-साथ दृष्टिकोण में बदलाव होगा, तो जाहिर है कि क्रिकेट भी बदलेगा।
उन्होंने कहा, जिस चीज ने भारतीय क्रिकेट को बदलने में मदद की उनमें बहुत सारी पिचों में सुधार हुआ है, अब गेंद बहुत अधिक उछलती है, यही वजह है कि भारतीय बल्लेबाज विदेशी पिचों पर भी रन बनाने में सफल होते हैं। होल्डिंग के मुताबिक, हमारे समय में भारत की पिचें धीमी थीं और जिन पर धूल रहती थी।
माइकल होल्डिंग ने याद करते हुए कहा कि एक बार मैंने सुनील गावस्कर से पूछा था कि मेरे समय में पिचें वैसी क्यों नहीं होती थीं जैसी मौजूदा समय में हैं। उन्होंने कहा, जब 2014-15 में वेस्टइंडीज की टीम भारत दौरे पर आई और वह दौरा रद्द हो गया। मैंने हर बार सुनील गावस्कर के साथ पिच रिपोर्ट की और उनसे मजाक करते हुए पूछा, सनी जब हम यहां खेलते थे तो पिचें ऐसी नहीं थीं, क्योंकि अच्छी पिचें अच्छे क्रिकेटर बनाती हैं।