यह अजीब इत्तेफाक है कि पिछली बार भी चोट ने ही मनीष पांडे को टीम इंडिया में जगह दिलाई थी और इस बार भी उन्हें इसी चोट से टीम में एंट्री मिली है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी वनडे में शानदार शतक के बाद लगने लगा था कि उनकी जगह टीम में पक्की हो गई है लेकिन उन्हें इस शानदार शतकीय पारी का कोई फायदा नहीं हुआ और उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
अपने इस यादगार प्रदर्शन के बाद से वह फिर टीम में लौट नहीं सके। तब उन्हें उम्मीद थी कि टी-20 टीम में जगह मिल जाएगी। लेकिन न श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज में जगह मिली और न ही एशिया कप में। और न ही टी-20 वर्ल्ड कप में वह 15 सदस्यीय टीम में जगह बना सके।