उम्मीद के मुताबिक भारतीय खिलाड़ियों ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शुरू हुई वनडे सीरीज के पहले मैच में जोरदार अंदाज में आगाज किया और पहले गेंद से फिर बल्ले से पूरी तरह से नियंत्रण बनाते हुए टीम इंडिया को 9 विकेट से शानदार जीत दिला दी।
हरारे में हुए मैच में भारतीय गेंदबाजों ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी की जिसके आगे जिम्बाब्वे के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और मेजबान टीम पहले वनडे मुकाबले में भारत के सामने सिर्फ 169 रनों का लक्ष्य दे सकी। फिर नवोदित बल्लेबाज लोकेश राहुल के शानदार शतक और अंबाती रायडु के दूसरे विकेट के लिए हुए अविजित 162 रनों की शतकीय साझेदारी कर टीम को सीरीज में बढ़त दिला दी।
भारत ने यह मैच 42.3 ओवर में 169 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया। जिस गेंद पर टीम इंडिया को जीत मिली वो बेहद शानदार रही क्योंकि इस समय वह जीत से 2 रन और लोकेश पदार्शपण शतक से 6 रन दूर थे, लेकिन इस युवा बल्लेबाज ने रिस्क लेते हुए लॉग ऑन की दिशा में खेल दिया और इस छक्के के साथ न सिर्फ भारत को जीत मिली बल्कि लोकेश का शतक भी पूरा हो गया। साथ ही वह अपने पहले ही मैच में शतक लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए हैं।
इससे पहले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले जिम्बाब्वे को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया और गेंदबाजों ने अफ्रीकी टीम को 49.5 ओवर में पूरी टीम को 168 रन पर समेट दिया । सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए एल्टन चिंगुबुरा ने अंत तक कुछ साहसिक पारी खेली और 65 गेंदों में 41 रनों की पारी खेली।
भारत की ओर से तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 28 रन देकर 4 विकेट निकाले। जबकि 2 अन्य तेज गेंदबाजों धवल कुलकर्णी और बरिंदर सरां को 2-2 विकेट मिले। जबकि अक्षर पटेल और यजुवेंद्र चहल को 1-1 सफलता मिली। आज के मैच में टीम इंडिया के लिए 3 युवा क्रिकेटरों (लोकेश के अलावा यजुवेंद्र चहल और करुण नायर) ने अपने वनडे करियर का आगाज किया।
पहले ही मैच में भारतीय गेंदबाजों ने की कसी हुई गेंदबाजी
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टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लेते हुए भारतीय कप्तान धोनी ने जिम्बाब्वे को बल्लेबाजी का न्योता दिया और इसका फायदा टीम को दूसरे ओवर में ही मिल गया जब तेज गेंदबाज बरिंदर सरां ने पीटर मूर (3) को पगबाधा करा दिया। शुरुआती सफलता के बाद भारतीय गेंदबाजों ने मेजबान बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और रन बनाने के ज्यादा मौके नहीं दिए।
इस बीच धवल कुलकर्णी ने हैमिल्टन मास्कजदा (14), जसप्रीत बुमराह ने चामू चिभाभा (13) और वुशि सिबांदा (5) को 20 ओवर से पहले ही वापस पवेलियन भेज दिया। भारत को पांचवीं सफलता अक्षर पटेल से मिली जिन्होंने क्रेग इरविन (21) को कैच आउट कराया। मेजबान टीम की शुरुआत इस कदर खराब रही कि उसके 5 विकेट 24 ओवर के अंदर और 77 रन पर ही गिर गए।
मेजबान टीम की शुरुआत लगातार धीमी ही रही और बल्लेबाज कभी भी लय में नहीं आ सके। लेकिन छठे विकेट के लिए पाकिस्तान मूल के बल्लेबाज सिकंदर रजा और एल्टन चिगुंबुरा के बीच 38 रनों की साझेदारी ने टीम को 100 के पार करा दिया और फिर 150 के पार भी जाने में कामयाब रही। रजा 23 रन बनाकर आउट हुए।
अपना पहला वनडे मैच खेल रहे यजुवेंद्र चहल ने रिचमंड मुतुंबामी (15) को कैच आउट कराकर अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने की शुरुआत कर ली। कप्तान ग्रीम कीमर 8 रन बनाकर धवल के तीसरे शिकार बने।
राहुल और रायडु की जोड़ी हुई सुपरहिट
टीम इंडिया
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मेजबान जिम्बाब्वे से मिले 169 रनों के लक्ष्य के जवाब में भारतीय पारी की शुरुआत लोकेश राहुल और करुण नायर की नवोदित सलामी जोड़ी क्रीज पर आई लेकिन यह जोड़ी पांचवें ओवर में ही टूट गई जब नायर 7 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
शुरुआती झटके के बाद लोकेश (नाबाद 100) ने अंबाती रायडु (नाबाद 62) के साथ पारी को संभाला। हालांकि इस दौरान भारत की शुरुआत बेहद धीमी रही और इतनी धीमी रही कि टीम का स्कोर जिम्बाब्वे से भी कम रहा। 9 ओवर में भारत ने जहां 25 रन बनाए थे तो वहीं जिम्बाब्वे ने 30 रन बना लिए थे।
लेकिन धीरे-धीरे भारतीय बल्लेबाज लय में आ गए। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी करते हुए जीत के करीब पहुंचा दिया। अपने पहले ही वनडे मैच में लोकेश ने 57 गेंदों में फिफ्टी ठोंक दी। भारत के 100 रन 26वें ओवर में बने। इसके बाद रायडु ने 93 गेंदों में अपने 50 रन बनाए। रायडु ने अपने 32वें वनडे मैच की 29वीं पारी में अपने करियर के एक हजार रन भी पूरे कर लिए। वह सबसे तेज एक हजार रन पूरे करने वाले भारत के संयुक्त रूप से चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। धोनी ने भी 29 पारियों में यह मुकाम हासिल किया था।
राहुल और रायडु ने अपनी साझेदारी 38 ओवर तक बनाए रखते हुए 162 रनों तक पहुंचा दी और इसे अंत तक अटूट रखते हुए भारत को शानदार जीत भी दिला दी। शतकवीर बल्लेबाज ने अपनी पारी में 7 चौके के अलावा एक छक्का भी जड़ा जो मैच का एकमात्र छक्का भी रहा।