युवा कप्तान विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया ने न सिर्फ 11 साल के इंतजार को खत्म कराया बल्कि दक्षिण अफ्रीका के विदेश में 9 साल से चले आ रहे जीत के रथ को भी रोक दिया। धोनी की कप्तानी में अफ्रीकी टीम के हाथों टी-20 और वनडे सीरीज गंवाने के बाद प्रशंसकों को उम्मीद थी कि टेस्ट सीरीज में कोहली की टीम इंडिया पिछली हार का बदला लेगी जिसमें वह कामयाब हो गई।
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जबर्दस्त फॉर्म में चल रहे आर अश्विन के मैच में झटके 12 विकेटों के दम पर टीम इंडिया ने नागपुर टेस्ट को सिर्फ 3 दिन में ही खत्म कराते हुए मैच 124 रन से मैच जीत लिया। चार मैचों की सीरीज में भारत ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। मैच में दिलचस्प यह रहा कि दोनों टीम की ओर से एक भी फिफ्टी नहीं लगी। मैच की सबसे बड़ी पारी भारतीय ओपनर मुरली विजय (40) ने खेली।
अफ्रीकी बल्लेबाजों को परेशान करने वाले अश्विन ने अपने करियर में एक पारी में 15वीं बार 5 या उससे ज्यादा विकेट
लेने का कारनामा कर दिखाया।
भारत ने मेहमान टीम के सामने जीत के लिए 310 रनों का लक्ष्य दिया लेकिन पूरी टीम टी-ब्रेक के बाद 185 रन ही आउट हो गई। कप्तान हाशिम अमला और फैफ डु प्लेसिस ने टीम के लिए 39-39 रनों की बड़ी पारी खेली। साथ ही दोनों ने 46.2 ओवर में 72 रनों की साहसिक साझेदारी की भारतीय गेंदबाजों को खूब परेशान किया लेकिन हार को टाल नहीं सके। इस साझेदारी को अमित मिश्रा ने अमला को कैच आउट कराकर तोड़ा। इसके बाद प्लेसिस भी अमित के शिकार बने।
सीरीज में अब तक नाकाम रहे अमला ने पहली बार इस सीरीज की किसी पारी में सौ
गेंद खेलने का कारनामा कर दिखाया। उन्होंने 167 गेंदें खेली जबकि प्लेसिस
ने 152 गेंदें खेली। टीम इंडिया ने पहली पारी में 215 रन बनाए जिसके जवाब में अफ्रीकी टीम 79 रन बनाकर आउट हो गई। इसके बाद भारत की दूसरी पारी 173 रन पर सिमट गई। मोहाली टेस्ट के बाद यह मैच भी महज 3 दिन में ही खत्म हो गया।
'जीवनदान' पाने के बाद अमला ने बढ़ा दिया था भारत का इंतजार
नागपुर टेस्ट के तीसरे दिन की शुरुआत करने जब दक्षिण अफ्रीका की कल की नाबाद जोड़ी मैदान पर आई तो लगा कि कहीं लंच से पहले ही टीम फिरकी गेंदबाजों के आगे सिमट न जाए। 310 रनों के मुश्किल लक्ष्य के आगे अफ्रीकी टीम ने अपने स्कोर 2 विकेट पर 32 रन से आगे खेलना शुरू किया।
भारत को दिन की पहली सफलता के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा और दिन के चौथे ही ओवर में आर अश्विन ने ओपनर डीन एल्गर (18) को कैच आउट करा दिया। इसके थोड़ी देर बाद इस ऑफ स्पिनर को बड़ी सफलता मिली जब उन्होंने खतरनाक बल्लेबाज एबी डीविलियर्स (9) को पगबाधा करा दिया। डीविलियर्स के लिए यह मैच निराशाजनक रहा क्योंकि इस दौरे में वह काफी रन बना रहे थे लेकिन यहां वह 0 और 9 रन ही बना सके।
पहले घंटे में 2 विकेट खोने के बाद बड़ी हार की ओर जाती दिख रही अफ्रीकी टीम ने भारत की ओर से दिए गए कुछ मौकों का फायदा उठाया और लंच तक कोई और झटका नहीं लगने दिया। कप्तान हाशिम अमला (39) और फैफ डु प्लेसिस (39) ने पांचवें विकेट के लिए 72 रनों की साझेदारी कर टीम को सौ के पार पहुंचा दिया। 13 रन पर खेल रहे अमला को विकेटकीपर रिदिमान साहा ने आसान जीवनदान दे दिया था और इसके बाद इस धाकड़ बल्लेबाज ने प्लेसिस के साथ साहसिक पारी खेलकर भारत को 46.2 ओवर तक सफलता के लिए लंबा इंतजार कराया।
दूसरे दिन गिरे कुल 20 विकेट
संतरों के शहर नागपुर में बृहस्पतिवार को विकेटों की बारिश हुई। तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन 20 विकेटों के नाटकीय पतन ने दिखा दिया है कि यह टेस्ट भी स्पिनरों का मैजिक शो है। वीसीए मैदान में बृहस्पतिवार को टर्नर विकेट पर फिरकी गेंदबाजों का हुनर और भी निखरकर सामने आ गया।
बल्लेबाजों के लिए तो यह पिच मानो अग्निपथ हो गई है। तीसरे दिन स्टंप्स के समय सूरते-हाल यह है कि 310 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मेहमान टीम ने 32 रनों पर दो विकेट गिरा दिए हैं। इस विकेट पर उसे 278 रन बनाने हैं जबकि आठ विकेट शेष हैं। पिच का मिजाज और पहले दो दिन की तस्वीर बताती है कि तीसरे दिन विकेट पर भारतीय स्पिनर कहर ढा सकते हैं। सीरीज में 0-1 से पिछड़ रही मेहमान टीम पर इसलिए भी दबाव बढ़ गया है क्योंकि पहली पारी में महज 79 रनों पर लुढ़कने के बाद उसके बल्लेबाज मनोवैज्ञानिक दबाव में भी होंगे। मेहमान टीम का नौ साल से विदेशी सीरीज में अजेय रहने का रिकॉर्ड भी ध्वस्त हो सकता है। भारतीय स्पिनरों का जलवा अगर ऐसे ही जारी रहा तो विराट की सेना तीसरे दिन ही सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर सकती है।
भारतीय स्पिन तिकड़ी रविचंद्रन अश्विन (5/32), रविंद्र जडेजा (4/33) और अमित मिश्रा (1/9) के कहर के आगे दक्षिण अफ्रीका की टीम पहली पारी में केवल 79 रनों पर सिमट गई। जेपी डुमिनी ने सर्वाधिक 35 रन बनाए। खतरनाक एबी डीविलियर्स को बाएं हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा ने बेहतरीन गेंद पर आउट किया जबकि उन्होंने अभी खाता भी नहीं खोला था। एक समय दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 12 रनों पर पांच विकेट गिरा दिए थे। यह टेस्ट क्रिकेट में यह 12वां सबसे न्यूनतम स्कोर है।