प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुलाकात के बाद सरकार और विपक्ष के बीच चल रहा गतिरोध टूट गया है। जीएसटी पर सरकार और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई वार्ता सकारात्मक रही। कांग्रेस ने अपनी जिद पर नरमी बरतने के संकेत दिए हैं तो सरकार ने भी लचीला रुख अपनाया है।
सरकार और कांग्रेस के बीच जीएसटी को लेकर जमी बर्फ शुक्रवार को तब पिघली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को चाय पर बुलाया। सात रेसकोर्स में चाय पर हुई चर्चा के दौरान पिघली बर्फ के बाद जहां सरकार ने बिल पारित होने की उम्मीद जताई वहीं कांग्रेस ने भी कहा कि जीएसटी पर सरकार के साथ वार्ता में सकारात्मक दिशा में प्रगति हुई है।
हालांकि जीएसटी पर विवाद के तीन बिंदुओं पर अभी अंतिम सहमति होना बाकी है। मगर सरकार और विपक्ष दोनों के लचीले हुए रुख के बाद संसद के शीत सत्र में जीएसटी संविधान संशोधन बिल पारित होने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। सोनिया-मनमोहन की मोदी से हुई मुलाकात के बाद सरकार ने उम्मीद जताई है कि मुख्य विपक्षी दल के शीर्ष नेताओं से मिलने-जुलने का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
सोनिया ने सरकार की पहल को किया मंजूर
दरअसल कहा जा रहा है कि सरकार ने कांग्रेस पार्टी के 3 सुझावों में से दो पर लगभग सहमति दे दी है तो जीएसटी की 18 प्रतिशत सीमा निर्धारित करने के मामले पर उसने कांग्रेस से नरमी बरतने की मांग रखी है। सूत्र बताते हैं कि सोनिया गांधी ने सरकार की पहल को मंजूर कर लिया है। मगर वह इस सहमति में उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी भागीदार बनाना चाहती हैं।
बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में राहुल की भागीदारी भी जीएसटी के सहमति पर दिखेगी। पीएम मोदी के साथ मनमोहन, सोनिया की करीब 45 मिनट चली मुलाकात के बाद बैठक का उद्देश्य बताते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल के शीर्ष नेताओं के साथ पीएम की यह मुलाकात संसद में मौजूदा सत्र के विषयों पर आपसी चर्चा के लिए थी। ताकि देश की संसद में कामकाज सूचारू रूप से चल सके।
उन्होंने कहा कि इस बैठक में पीएम मोदी ने संसद के तमाम कामकाज के साथ जीएसटी बिल को लेकर भी मनमोहन और सोनिया से चर्चा की है। इसमें प्रमुख विषय जीएसटी को लेकर संविधान संशोधन का था। कांग्रेस पार्टी ने जीएसटी बिल के 3 विषयों पर स्पष्ट रूप से अपनी स्थिति सरकार के सामने रखी है। सरकार ने भी इन 3 विषयों के इतिहास और पृष्ठभूमि के साथ अपने पक्ष से कांग्रेस नेतृत्व को अवगत कराया है। इसके बाद कांग्रेस ने तय किया है कि वह अपने दल में चर्चा के बाद स्थिति स्पष्ट करेगी।
पीएम ने खुद किया स्वागत
जेटली ने कहा कि इस बात की संभावना है कि सरकार और मुख्य विपक्षी दल के बीच आगे भी ऐसी चर्चा चलती रहेगी। सोनिया और मनमोहन जब सात रेसकोर्स पहुंचे तो खुद मोदी ने उनका बाहर आकर स्वागत किया और बैठक के बाद अपने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बाहर तक छोड़ने भी आए।
इस दौरान पीएम ने कांग्रेस के दोनों दिग्गजों के प्रति निजी आदर के भाव भी दर्शाए। पीएम के साथ सोनिया-मनमोहन की हुई बैठक के बाद कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने पार्टी का नजरिया स्पष्ट करते हुए कहा कि जीएसटी पर आज की बातचीत सकारात्मक रही है। कांग्रेस जीएसटी पर गंभीरता से विचार कर रही है और पार्टी के भीतर चर्चा के बाद सरकार को दृष्टिकोण से अवगत करा दिया जाएगा।
हालांकि शर्मा ने पीएम की पहल पर हुई चर्चा के बाद कांग्रेस के नरम रुख अपनाने का यह कहते हुए संकेत किया कि हम किसी डील के लिए नहीं देश हित में जीएसटी चाहते हैं।