महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में वर्ल्ड कप खिताब बचाने का सपना देख
रही टीम इंडिया को त्रिकोणीय सीरीज में लगातार दूसरे वनडे भी हार का मुंह
देखना पड़ा है। पहले ऑस्ट्रेलिया और अब इंग्लैंड ने भारत को हरा दिया।
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ब्रिसबेन में खेले गए मैच में भारत से मिले 154 रनों के लक्ष्य को इंग्लैंड ने 27.3 ओवर में ही एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। इंग्लैंड की ओर से ओपनर इयान बेल ने 88 और जेम्स टेलर ने 56 रनों का योगदान दिया। साथ ही दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 131 रनों की अविजित शतकीय साझेदारी कर डाली। भारत को एकमात्र सफलता स्टुअर्ट बिन्नी ने मोइन अली (8) को आउट कर दिलाई।
इससे पहले भारत का प्रदर्शन आज भी बेहद खराब रहा और उसके बल्लेबाज उछाल लेती गेंद को खेलने में नाकाम साबित हुए। तेज गेंदबाज स्टीवन फिन (5) की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे भारत की पूरी टीम 39.3 ओवर में 153 रन बनाकर आउट हो गई। भारत की ओर से आलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी ने सर्वाधिक 44 रनों का योगदान दिया। जबकि कप्तान धोनी ने 34 और अंजिक्य रहाणे ने 33 रन बनाए।
मैच में उतरने से पहले ही टीम इंडिया को तगड़ा झटका लगा जब उसके सलामी बल्लेबाज और पिछले मैच में शतक लगाने वाले रोहित शर्मा चोटिल होने के कारण इस मैच में नहीं उतर सके। उनकी जगह बल्लेबाज अंबाती रायडु को और आर अश्विन की जगह आलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी को शामिल किया गया।
दोनों टीमें टूर्नामेंट में अपने-अपने पहले मैच हार चुकी हैं लेकिन इंग्लैंड आज भारत को 9 विकेट से हराकर जीत का खाता खोलने में सफल रही।
धवन फिर फ्लॉप, बेहद धीमी रही भारत की शुरुआत
टॉस जीतकर भारत का पहले बल्लेबाजी करने का फैसला फिर से गलत साबित हुआ। शिखर धवन इस बार भी टीम को संकट में डाल गए। हालांकि इस बार उनके साथ रोहित शर्मा पारी की शुरुआत करने नहीं उतरे क्योंकि उन्हें हैमस्ट्रिंग हो गया और मैच के लिए अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया।
धवन और अंजिक्य रहाणे ने भारतीय पारी की शुरुआत बेहद धीमी अंदाज में की। पहले 2 ओवर में दोनों बल्लेबाज महज एक रन ही बना पाए। फिर पारी के तीसरे ओवर की पहली गेंद पर धवन जेम्स एंडरसन की गेंद पर विकेटकीपर जोस बटलर को कैच थमा बैठे। पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 रन बनाने वाले धवन इस मैच में महज एक रन ही बना पाए।
खराब शुरुआत के बाद रहाणे का साथ देने अंबाती रायडु क्रीज पर आए लेकिन इन दोनों ने पावरप्ले में तेजी से रन बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जिससे शुरुआती 9 ओवर में टीम के खाते में महज 25 रन ही जुटा सके। भारत की वनडे क्रिकेट में यह दूसरी सबसे धीमी शुरुआत है। टीम ने पहले 5 ओवर में महज 8 रन बनाए जो 2005 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हैदराबाद में हुए वनडे मैच में बनाए शुरुआती 5 ओवरों में 6 रन के बाद दूसरी सबसे धीमी शुरुआत है।
दूसरे विकेट के लिए रहाणे और रायडु के बीच 12.2 ओवर में 56 रनों की साझेदारी हुई। लेकिन क्रीज पर जम चुके रहाणे स्टीवन फिन की गेंद पर एक खराब शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा बैठे। उन्होंने 33 रन बनाए।
फिन के आगे नहीं चले बल्लेबाज, 10 रन पर खोए 4 विकेट
भारत ने 15वें ओवर की तीसरी गेंद पर अंजिक्य रहाणे (33) का विकेट गंवाया। रहाणे ने आउट होने से पहले अंबाती रायडु के साथ दूसरे विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। लेकिन स्टीवन फिन की गेंद पर उनके आउट हो जाने के बाद भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ा सी गई और एक के बाद एक करके विकेट गिरने लगे।
पिछले मैच में खराब शॉट खेलकर आउट होने वाले विराट कोहली इस बार भी सस्ते में निपट गए। कोहली फिन की बाउंस लेती गेंद को भांप नहीं सके और बल्ले का बाहरी किनारा गेंद से लगा बैठे जिसे विकेटकीपर ने आसानी से लपक लिया। वह 4 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद पिछले मैच में अर्धशतक लगाने वाले सुरेश रैना (1) मोइन अली की गेंद पर स्टंप आउट हो गए।
भारत अभी इन संकटों से जूझ ही रहा था कि फिन ने टीम को एक और झटका देते हुए रायडु (23) को भी कैच आउट करा दिया। टीम इंडिया ने महज 10 रन के अंदर अपने 4 विकेट गंवा दिए।
फिर पावरप्ले बना भारत के लिए मुसीबत
भारत का स्कोर एक समय 5 विकेट पर 67 रन था और ऐसा लग रहा था कि टीम 100 रन भी नहीं बना पाएगी। लेकिन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी के साथ छठे विकेट के लिए साहसिक 70 रनों की साझेदारी कर कुछ उम्मीदें बंधाई और स्कोर सौ के पार ले गए। दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ खेलते हुए स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया।
टीम इंडिया के लिए बैटिंग पावरप्ले कभी भी फायदेमंद साबित नहीं हुआ है और आज भी ही यह उसके लिए नुकसानदायक साबित हो गया। भारत ने 35वें ओवर से पावरप्ले लिया और 37वें ओवर की पहली गेंद पर धोनी (34) स्टीवन फिन की गेंद पर कैच आउट हो गए। इसकी अगली ही गेंद पर अक्षर पटेल खाता खोले बगैर ही बोल्ड हो गए।
नए बल्लेबाज भुवनेश्वर कुमार (5) के सामने गेंदबाज फिन को हैट्रिक बनाने से रोकने का दबाव था जिसमें वह कामयाब रहे लेकिन अगले ओवर में वह जेम्स एंडरसन की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत ने पावरप्ले में 18 रन के अंदर 3 विकेट खो दिए।
हालांकि एक छोर पर टिके बिन्नी (44) से उम्मीद थी कि वह टीम के लिए कुछ और रन जोड़ेगे लेकिन 40वें ओवर की दूसरी गेंद पर वह एंडरसन के दूसरे शिकार बन गए। उन्हें इस दौरान कुछ जीवनदान भी मिले थे। एंडरसन ने अगली ही गेंद पर मोहम्मद शमी (1) को कैचआउट कराकर भारतीय पारी 40 ओवर से पहले ही समेट दी। भारत के 6 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
बेल और टेलर दोनों ने लगाई फिफ्टी
टीम इंडिया के 154 रनों का आसान लक्ष्य पूरा करने उतरी टीम इंग्लैंड की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही। मोइन अली और इयान बेल की सलामी जोड़ी को स्टुअर्ट बिन्नी ने अपने दूसरे ओवर में तोड़ा। अली (8) बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में बिन्नी की गेंद पर कोहली को कैच थमा बैठे।
अली के आउट होने के बाद बेल का साथ निभाने के लिए जब जेम्स टेलर क्रीज पर पहुंचे तब टीम का स्कोर 3 ओवर में 25 रन था। लेकिन टेलर ने बेल के साथ टीम को संभाला। दोनों बल्लेबाज आखिर तक नॉट आउट रहे। बेल और टेलर ने टीम इंडिया के गेंदबाजों को विकेट लेने का कोई भी मौका नहीं दिया।
आसान लक्ष्य होने के कारण इंग्लिश बल्लेबाजों ने शुरू में तेजी के बजाए लय के साथ खेला। इसी बीच बेल ने अपने 50 रन पूरे किए। अर्धशतक ठोकने के बाद बेल ने टेलर के साथ तेजी से रन बनाना शुरू किया। मानो उन्हें मैच खत्म करने की जल्दी हो। बेल (88) ने अपनी पारी में कुल 8 चौके लगाए।
वहीं उनके साथी खिलाड़ी टेलर ने भी शानदार बल्लेबाजी की। बेल के साथ शतकीय साझेदारी निभाते हुए टेलर ने भी 25वें ओवर में अपनी फिफ्टी पूरी की। अपनी नाबाद पारी में टेलर (56) ने कुल 4 चौके लगाए। भारत के 154 का लक्ष्य को इंग्लैंड ने एक विकेट के नुकसान पर 28वें ओवर में ही आसानी से पूरा कर लिया।