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पुछल्लों के दम पर भारत ने ड्रॉ कराया टेस्ट मैच

Sat, 10 Jan 2015 07:01 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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सिडनी टेस्ट मैच के अंतिम दिन टी-ब्रेक के बाद 16 रन के अंदर 4 विकेट गंवाने से मैच में बेहद रोमांच आ गया था कि टीम इंडिया मैच को ड्रॉ कराने में कामयाब होगी या नहीं, लेकिन अजिंक्य रहाणे ने पुछल्ले बल्लेबाजों के दम पर साहसिक बल्लेबाजी करते हुए ड्रॉ पर खत्म करा दिया। रहाणे ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ निर्णायक मौके पर लगभग 19 ओवर निकाले।
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मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल करने के लिए टीम इंडिया के सामने 349 रनों का मुश्किल सा लक्ष्य रखा था लेकिन खेल खत्म होने तक भारत 7 विकेट पर 252 ही बना सका। अजिंक्य रहाणे 38 और भुवनेश्वर कुमार 20 रन बनाकर नाबाद लौटे।

भारत की ओर से दूसरी पारी में मुरली विजय ने सर्वाधिक 80 रन बनाए जबकि कप्तान विराट कोहली 46 रन बनाकर आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल स्टॉर्क, नाथन ल्योन और जोश हैजलवुड ने 2-2 विकेट निकाले।
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ऑस्ट्रेलिया ने चार मैचों की टेस्ट सीरीज को 2-0 से जीतते हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने नाम कर लिया है। भारत ने शुरुआती लगातार दो मैच एडिलेड और ब्रिसबेन में गंवा दिया था, लेकिन इसके बाद उसने मेलबर्न और सिडनी में मैच ड्रॉ करा लिए। सिडनी में भारत ने 2004 के बाद पहली बार टेस्ट मैच ड्रॉ पर खत्म कराया।

मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज का खिताब सीरीज में लाजवाब प्रदर्शन करने वाले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ को दिया गया।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 6 विकेट पर 251 रन पर घोषित कर दी। उसकी ओर से कप्तान स्टीवन स्मिथ ने 71, जोए बर्न्स ने 66 और ओपनर क्रिस रोजर्स ने 55 रनों का योगदान दिया। वहीं, भारत की ओर से आर अश्विन ने 4 विकेट झटके।

एक विकेट पर भारत ने बना लिए थे सौ रन

चौथे टेस्ट के अंतिम दिन मेजबान ऑस्ट्रेलिया को अपनी दूसरी पारी 6 विकेट पर 251 रन से आगे शुरू करनी थी लेकिन उसने दिन इसी स्कोर पर पारी घोषित कर दी। पहली पारी में मिली 97 रनों की बढ़त और दूसरी पारी में बनाए 251 रनों के आधार पर ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने जीत के लिए 349 रनों का लक्ष्य रखा।

भारतीय पारी का आगाज मुरली विजय और लोकेश राहुल ने किया और दोनों संयम के साथ-साथ रन भी बनाते रहे और पहले विकेट के लिए दोनों ने 13 ओवर में ही 48 रनों की साझेदारी कर डाली। लेकिन पिछली पारी में शतक लगाने वाले लोकेश इस बार जल्दी आउट हो गए। नाथन ल्योन ने उन्हें 16 रन के निजी स्कोर पर ‌डेविड वॉर्नर के हाथों कैच आउट कराया।

लोकेश के जाने के बाद मुरली का साथ देने क्रीज पर रोहित शर्मा आए। दोनों बल्‍लेबाजों ने भी रन बनाने का सिलसिला जारी रखा। पिछली पारी में अर्धशतक लगाने वाले रोहित ने इस पारी में भी टीम के स्कोर में अपना योगदान दिया। हालांकि 39 रन के निजी स्कोर पर वह शेन वॉटसन की गेंद पर खराब शॉट खेल बैठे और स्लिप में स्मिथ ने शानदार प्रयास कर उन्हें लपक लिया। दूसरे विकेट के लिए दोनों के बीच 56 रनों की साझेदारी हुई। भारत का दूसरा विकेट 104 रन पर गिरा।

मुरली और कोहली की पारियों ने जगाई उम्मीदें

ऑस्ट्रेलिया से मिले 349 रनों के लक्ष्य के जवाब में भारत ने सधी शुरुआत की और 2 विकेट पर 104 रन बना लिए थे। इसके बाद मुरली विजय ने कप्तान विराट कोहली के साथ भारतीय पारी को आगे बढ़ाया।

रोहित शर्मा के आउट होने के बाद कुछ देर के लिए इस नई जोड़ी ने रन बनाने की अपनी स्पीड पर थोड़ा विराम लगा दिया लेकिन टी-ब्रेक से पहले दोनों ने फिर से लय पकड़ ली और ब्रेक पर जाने तक टीम को और कोई झटका नहीं लगने दिया। टी तक भारत का स्कोर 2 विकेट पर 160 रन था। मुरली ने टी से पहले नाथन ल्योन के एक ओवर में 16 रन बना लिए।

इससे पहले उन्होंने पहली पारी की नाकामी को पीछे छोड़ते हुए दूसरी पारी में अर्धशतक ठोंक दिया। भारत की ओर से कोहली के बाद मुरली ही जबर्दस्त फॉर्म में दिखे और सीरीज की अपनी अंतिम पारी में भी अर्धशतक जमाया। अंतिम सत्र में भारत को जीत के लिए 198 रन चाहिए थे और दोनों ने तेजी से रन बनाना शुरू किया। हालांकि 80 रन के निजी स्कोर पर मुरली ने जोश हैजलवुड की गेंद पर खराब शॉट खेलकर विकेटकीपर हैडिन को कैच थमा दिया।

मुरली ने इस सीरीज में 60.25 की औसत से 482 रन बनाए और सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में स्टीवन स्मिथ और कोहली के बाद तीसरे स्‍थान पर रहे। थोड़ी देर बाद पूरी सीरीज में शानदार बल्‍लेबाजी करने वाले कोहली भी 46 रन बनाकर आउट हो गए।
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7 रन पर 3 विकेट गंवाने से हार की कगार पर पहुंचा था भारत

तेज गेंदबाज मिचेल स्टॉर्क की गेंद पर कप्तान विराट कोहली (46) जब कैच आउट हुए उस समय टीम का स्कोर 201 रन हो चुका था और लक्ष्य से 148 रन दूर थे। कोहली का आउट होना मैच का टर्निंग प्वाइंट बन गया और ऑस्ट्रेलिया को यहां से जीत नजर आने लगी। भारत को यहां से 23 ओवर और खेलने थे जबकि उसके पास 6 विकेट शेष थे।

कोहली के जाने के बाद जल्द ही सुरेश रैना (0) लगातार दूसरी बार खाता खोले बगैर आउट हो गए। पहली पारी में भी वह शून्य पर आउट हुए थे। एक छोर पर अजिंक्य रहाणे ने अपना विकेट बचाए रखा था तो दूसरी ओर से विकेटों का पतन शुरू हो गया। नए बल्‍लेबाज रिदिमान साहा भी खाता खोले बगैर ही वापस लौट गए।

महज 7 रनों के अंदर 3 विकेट गंवाने से भारत बैकफुट पर आ गया और मैच हाथ से जाता दिखा, लेकिन रहाणे ने आर अश्विन के साथ सातवें विकेट के लिए संघर्षपूर्ण बल्‍लेबाजी करते हुए लगभग 7 ओवर निकाल लिए। हालांकि जोश हैजलवुड ने अश्विन को पगबाधा कर भारत को सातवां झटका दे दिया।

टीम को अगली उम्मीद निचले क्रम में जमकर बल्‍लेबाजी करने वाले भुवनेश्वर कुमार पर टिकी थी जिसे उन्होंने टूटने नहीं दिया। रहाणे और भुवी ने मिलकर अंतिम 12 ओवर आराम से निकाल लिए। इस बीच दोनों रन भी बनाते रहे जिससे टीम का स्कोर 252 तक पहुंच गया। अंतिम गेंद फेंके जाने से पहले दोनों टीमों ने मैच को ड्रॉ पर खत्म कराने का फैसला ले लिया। रहाणे 38 और भुवी 20 रन बनाकर नाबाद लौटे।
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