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खुलासा: 'आतंकी' बनकर लौटते हैं पाक गए कुछ भारतीय

Sat, 10 Jan 2015 06:53 PM IST
सचिन शर्मा, ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
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पाकिस्तान में अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए जाने वाले लोगों को दहशतगर्दों द्वारा स्लीपिंग मॉड्यूल का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया जाता है। स्लीपिंग मॉड्यूल में शामिल होने वाले लोग अपने देश वापस तो लौट आते हैं, लेकिन यदि उन्हें पाकिस्तान में बैठे आकाओं की ओर से कोई आदेश जारी होता है, तो स्पीपिंग मॉड्यूल उसे पूरा करने के लिए जी-जान लगा देते हैं। इसके लिए लोगों को अच्छी खासी रकम की भी पेशकश भी की जाती है।
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पाकिस्तान में दिलशाद मिर्जा के साथ मिलकर काम करने वाली हमीदा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हथियार तस्करी और जाली करेंसी (नकली नोट) का धंधा कर रही है। हमीदा के दामाद राशिद की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ के लिए आई खुफिया विभाग की एक टीम के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि समय के साथ-साथ आतंकी भी दहशतगर्दी फैलाने के लिए नए-नए फार्मूले तैयार कर रहे हैं। पाकिस्तान में दहशतगर्दों द्वारा स्लीपिंग मॉड्यूल तैयार किए जा रहे हैं। स्लीपिंग मॉड्यूल में ऐसे लोगों को चुना जाता है, जो वीजा पर अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए पाकिस्तान जाते हैं। ऐसे लोगों को अवैध धंधों से कमाए गए पैसों का लालच देकर स्लीपिंग मॉड्यूल का हिस्सा बनाया जाता है। कुछ लालची किस्म के लोग इनके लालच में आ जाते हैं।

पाकिस्तान में तैयार होकर लौटे स्लीपिंग मॉड्यूल आम लोगों की तरह काम करते हैं, लेकिन जब कभी पाकिस्तान में बैठे आकाओं की ओर से कोई आदेश होता है, तो वे उसे पूरा करते हैं। खुफिया अधिकारी ने बताया कि देश में ऐसे कई लोगों को ट्रेस भी किया गया है। हाल ही में मुरादाबाद में भी ऐसे लोगों की भनक सुरक्षा एजेंसियों को लगी है। उन्होंने बताया कि स्लीपिंग मॉड्यूलों के खिलाफ कार्रवाई और सबूत जुटाने में सुरक्षा एजेंसियों को काफी मुश्किलें होती हैं, क्योंकि ये लोग आकाओं के आदेश पर किसी विशेष कार्य के लिए ही सक्रिय होते हैं, काम हो जाने के बाद ऐसे लोग फिर से आम आदमी की तरह अपने कामों में जुट जाते हैं।
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बच्चे की आईडी पर सिम चला रहा सरदार

एसपी ने बताया कि तस्कर सरदार हरनाम की गिरफ्तारी के प्रयास भी कर रही है। सरदार किसी बच्चे की आईडी पर फोन नंबर उपयोग कर रहा है। पुलिस लगातार मध्यप्रदेश पुलिस के संपर्क में है।

पुलिस ने 25 दिसंबर को कैराना बार्डर पर मुठभेड़ के बाद तितरवाड़ा निवासी आरिफ और जीशान को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दोनों युवकों के कब्जे से प्वाइंट 32 बोर की 11 पिस्टल, 22 मैगजीन, दो रेलवे टिकट, दो मोबाइल, दो बाइक और सात कारतूस बरामद किया था। पूछताछ में हथियार तस्करों ने पुलिस को बताया था कि वे मध्यप्रदेश के उमरटी गांव निवासी सरदार हरनाम सिंह से 10-10 हजार में पिस्टलें खरीदकर जनपद में सप्लाई के लिए लाए थे। जनपद पुलिस की विशेष टीम सरदार हरनाम सिंह की गिरफ्तारी के वारंट लेकर लिए मध्यप्रदेश भी गई थी, लेकिन वह अपने गांव से फरार हो गया था। शुक्रवार को एसपी सुभाष कुमार बघेल ने बताया कि पुलिस की विशेष टीम सरदार हरनाम सिंह को गिरफ्तार करने के लिए लगातार मध्यप्रदेश पुलिस से संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि सरदार एक बच्चे की आईडी पर फोन चला रहा है, जिसे ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही मध्यप्रदेश के हथियार तस्कर को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मदद की आरोपियों ने, पुलिस ने थपथपाई अपनी पीठ!
पुलिस ने पकड़े गए आरोपी राशिद को बलवा गेट से गिरफ्तार दिखाया है, जो काफी हैरानी भरा है। उसकी यहां से गिरफ्तारी पर सवाल उठ रहा है कि वह जब क्षेत्र में ही घूमता रहा तो पुलिस उसे पहले क्यों नहीं पकड़ सकी। पंजाब पुलिस भी कई बार यहां के चक्कर काटकर थक गई, तो भला पुलिस को बलवा फाटक पर घूमता कैसे मिल गया। चर्चा है कि मार्च 2014 में अटारी बॉर्डर पर पकड़े गए आरोपियों को विश्वास में लेकर ही पुलिस राशिद तक पहुंची है। शायद यही वजह है कि राशिद की गिरफ्तारी के खुलासे के वक्त अटारी बॉर्डर पर पकड़े गए आरोप भी मौके पहुंचे और खुद को बेकसूर बताया। ये आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। दूसरी हैरानी की बात यह भी है कि पुलिस राशिद से कुछ बरामद भी नहीं कर सकी है, जबकि पुलिस राशिद को पाकिस्तान से हथियार मंगाने वाला तस्कर बता रही है। पुलिस ने राशिद से केवल डोडा की बरामदगी दिखाई है।

हम तो धोखे में मारे गए...

राशिद की गिरफ्तारी होते ही मार्च 2014 में समझौता एक्सप्रेस में हथियारों के जखीरे के साथ पकड़े गए आरोपी भी एसपी दफ्तर पहुंच गए और दावा किया कि राशिद ने ही उन्हें धोखे में लेकर पाकिस्तान भेजा था, जहां उसकी सास हमीदा ने ही मिक्सर ग्राइंडर में रखकर धोखे से हथियार भिजवाए थे। उन्होंने कहा कि राशिद की गिरफ्तारी से उन्हें सुकून मिला है।

मार्च 2014 में अटारी बार्डर पर समझौता एक्सप्रेस में कस्बा कांधला निवासी अनीस, उसकी पत्नी शहनाज, मुल्ला नसीर, उसकी पत्नी रजिया, कैराना निवासी आरिफ और जलालाबाद के मोहल्ला कोटला निवासी आरिफ खान हथियारों के साथ गिरफ्तार हुए थे, जो इस वक्त जमानत पर हैं। शुक्रवार को राशिद की गिरफ्तारी के खुलासे के दौरान जमानत पर छूटे अनीस और कुछ अन्यों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर बताया कि राशिद और काला ने उन्हें धोखे में रखकर पाकिस्तान में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मिलने भेजा था। इसके लिए राशिद ने उन्हें पांप-पांच हजार रुपये भी दिए थे।

पाकिस्तान से वापस लौटते समय हमीदा ने भी उन्हें पांच-पांच हजार रुपये और जूसर ग्राइंडर देकर भेजा था, उन्हें यह नहीं पता था कि हमीदा ने जो जूसर ग्राइंडर उन्हें दिए हैं, उनमें हथियार छिपे हैं। वह तो सीधे स्वभाव उन्हें साथ ले आए और पकड़े गए। पूछताछ में उन्होंने राशिद और काला के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी, इसलिए राशिद और काला उसके परिजनों को धमकी देकर उनके बयान बदलवाने का दबाव डाल रहा था, लेकिन वह दबाव में नहीं आए।

पाकिस्तान से हमीदा भेजती मौत का सामान

पाकिस्तान में बैठी हमीदा देश में आतंक फैलाने का सामान भेज रही है। हमीदा के दामाद राशिद ने गिरफ्तारी के बाद कई सनसनीखेज राज उगले हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने भी घंटों की लंबी पूछताछ के दौरान हमीदा के दामाद से कई अहम जानकारियां जुटाई हैं।

शुक्रवार को पुलिस ऑफिस पर हथियार तस्कर की गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए एसपी सुभाष कुमार बघेल ने बताया कि छह मार्च 2014 को जनपद के छह लोग पाकिस्तान अपने रिश्तेदारों के यहां से लौटते समय अटारी बार्डर पर समझौता एक्सप्रेस में पिस्टल पार्ट्स के साथ गिरफ्तार हुए थे। गिरफ्तार हुए लोगों को पाकिस्तान भेजकर हथियार मंगाने वालों में शामली के मोहल्ला नौकुआं निवासी रेहान काला और उसके साथी मोहल्ला बरखंडी निवासी राशिद का नाम पूछताछ के दौरान प्रकाश में आया था। लेकिन, बार्डर पर हुई गिरफ्तारी के बाद से ही दोनों भूमिगत हो गए थे। एसपी ने बताया कि देश की खुफिया एजेंसियों समेत अमृतसर पुलिस को भी दोनों फरार तस्करों की तलाश थी।

उन्होंने बताया कि जनपद की विशेष पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार की रात करीब 9.45 बजे राशिद को सिटी कोतवाली क्षेत्र के बलवा गेट से 20 किलो डोडा के साथ गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार तस्कर को मीडिया से रू-ब-रू कराते हुए एसपी ने बताया कि करीब 14 साल पूर्व पाकिस्तान में रहने वाली हमीदा उर्फ लतीफन उर्फ फैमीदा नाम की महिला कैराना में पकड़ी गई थी। रिहाई के बाद महिला को पाकिस्तान भेज दिया गया था। फिलहाल हमीदा पाकिस्तान में रहकर अंतर्राष्ट्रीय तस्कर के रूप में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा पकड़ा गया हथियार तस्कर राशिद हमीदा का दामाद है। राशिद और उसके दोस्त रेहान काला ने जिले के छह लोगों को दो अलग-अलग ग्रुप में टूरिस्ट वीजा पर पाकिस्तान भेजा था।
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मिक्सर ग्राइंडर में छिपाकर भेजी थी पिस्टल

पाकिस्तान में यूनुस पहलवान नाम के व्यक्ति ने सभी छह लोगों को रिसीव करते हुए हमीदा से मिलवाया था। पाकिस्तान गए लोगों के जरिये हमीदा ने अपने दामाद और उसके दोस्त के लिए मिक्सर ग्राइंडर में 11 पिस्टल और 22 मैग्जीन छुपाकर भेजी थी, जिन्हें अटारी बार्डर पर पुलिस ने पकड़ लिया था। एसपी ने बताया कि  पूछताछ में पता चला है कि प्रकरण में फरार चल रहा रेहान काला पहले भी कई बार हमीदा के जरिये पाकिस्तान से हथियार मंगवा चुका है। विशेष टीम का गठन कर काला की गिरफ्तारी के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार तस्कर राशिद के आईएसआई से जुड़े होने की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा होने के चलते गिरफ्तार तस्कर को स्पेशल रिमांड पर लेकर सभी बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी।

देश की पांच सुरक्षा एजेंसियों ने की पूछताछ
हथियार तस्कर राशिद की गिरफ्तारी के बाद देश की पांच सुरक्षा एजेंसियों ने घंटों की लंबी पूछताछ के बाद राशिद से कई राज उगलवाए। एसपी सुभाष कुमार बघेल ने बताया कि राशिद की गिरफ्तारी होने के बाद अभी तक देश की पांच सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर चुकी हैं। शुक्रवार की सुबह शहर कोतवाली में भी आईबी, एटीएस, एसटीएफ और पंजाब पुलिस ने राशिद से घंटों पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार खुफिया कारिंदों ने पाकिस्तान में बैठकर हिंदुस्तान में गठरी व्यवसाय चलाने वालों और देश में इस व्यवसाय की रहनुमाई करने वाले कई लोगों की कुंडली भी तैयार किया है।

पुलिस टीम को मिला 10 हजार का इनाम
पाकिस्तान से जुड़े हथियार तस्कर राशिद की गिरफ्तारी के बाद एसपी ने संबंधित पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। एसपी ने टीम का नेतृत्व कर रहे सीओ क्राइम अवनीश मिश्र की बेहतर कार्यों के लिए पीठ थपथपाई।
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