स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी ने 92 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। लंबे समय से उनका स्वास्थ्य खराब था और वो मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थीं। यहीं उन्होंने आखिरी सांस ली। भारत रत्न लता जी के निधन पर दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। लता जी को क्रिकेट देखने का बहुत शौक था। वो सचिन तेंदुलकर को अपने बेटे की तरह मानती थीं। सचिन और लता जी के कई किस्से चर्चित हैं। लता जी ने कई बार सचिन को भारत रत्न दिए जाने की सिफारिश की थी।
लता जी सचिन तेंदुलकर को अपना बेटा मानती थीं और सचिन उन्हें मां कहते थे। सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न मिलने से बहुत पहले, लता जी हमेशा सार्वजनिक रूप से कहती थी कि वह इसके हकदार हैं। 24 अप्रैल को सचिन का जन्मदिन होता है और इसी दिन लता जी के पिता की पुण्यतिथि होती है। इस वजह से लता जी सचिन के इस खास दिन पर उनसे नहीं मिल पाती थीं और उन्हें इसका पछतावा भी था।
2018 आईपीएल का फाइनल मुंबई में आयोजित किया गया था लेकिन सचिन स्टेडियम से गायब थे। बाद में, उन्होंने एक ट्वीट में खुलासा किया था कि उन्होंने और उनकी पत्नी अंजलि ने लता जी के साथ उनके घर पर यह मैच देखा था।
सांसद के रूप में एक राह चले मां बेटे
सांसद रहते हुए लता जी ने एक भी रुपया वेतन के रूप में नहीं लिया और न ही उन्होंने नई दिल्ली में सांसदों को दिया जाने वाला घर स्वीकार किया। इसी तरह सचिन ने भी नई दिल्ली में कोई घर नहीं लिया और अपना पूरा सांसद वेतन 90 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर दिया।
सचिन के अलावा, लता ने हमेशा अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से वीवीएस लक्ष्मण और वर्तमान कप्तान विराट कोहली जैसे भारतीय सितारों के मैच जीताऊ प्रदर्शन पर उन्हें प्रोत्साहित किया है। उन्होंने अच्छे प्रदर्शन के लिए राहुल द्रविड़, शिखर धवन और रोहित शर्मा की भी प्रशंसा की है। उन्होंने युवराज सिंह को आशीर्वाद दिया जब वह कैंसर की खतरनाक बीमारी से पीड़ित थे और उन्हें भारतीय टीम में वापसी पर बधाई दी थी।