मैच के टर्निंग प्वाइंट
1. टॉस हारने के साथ ही पंजाब के लिए मुश्किलें बढ़ गई थीं। राजस्थान के अलावा कोई भी टीम अब तक इस सीजन में लक्ष्य का बचाव नहीं कर पाई है। पंजाब के साथ भी ऐसा ही हुआ। अच्छी गेंदबाजी के बावजूद पंजाब यह मैच नहीं जीत पाई। भारत के मैदानों में रात के समय ओस गिरती है और बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को फायदा मिलता है। कोलकाता को भी इसका फायदा मिला और श्रेयस की टीम ने छह विकेट से यह मैच जीत लिया।
2. टॉस हारने के बाद पंजाब के लिए बड़ा स्कोर बनाना जरूरी था और इसके लिए अच्छी शुरुआत जरूरी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहले ही ओवर में कप्तान मयंक आउट हो गए और पंजाब की टीम यहीं से मैच में पिछड़ गई।
3. पंजाब के किसी बल्लेबाज ने बड़ी पारी खेलने की कोशिश नहीं की। सभी बल्लेबाज बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में अपना विकेट गंवाते गए। शिखर धवन 16, लिविंगस्टन 19 और राज बावा 11 रन बनाकर आउट हुए। शाहरुख खान अपना खाता भी नहीं खोल पाए। अंत में कगिसो रबाडा ने 16 गेंद में 25 रन बनाकर अपनी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। वहीं, भानुका राजपक्षे ने 31 रन बनाए।
4. उमेश यादव ने इस मैच में अपने आईपीएल करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने लगातार तीसरे मैच में पहले ही ओवर में विकेट चटकाया। उन्होंने कप्तान मयंक अग्रवाल को पवेलियन भेजा। इसके बाद बीच के ओवरों में भी उन्होंने लगातार विकेट निकाले और अपने आईपीएल करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चार ओर में 23 रन देकर चार विकेट चटकाए।
5. कोलकाता के लिए आंद्रे रसेल ने कमाल की बल्लेबाजी की। उन्होंने 31 गेंद में नाबाद 70 रन बनाए। इस पारी में आठ छक्के और दो चौके शामिल थे। उन्होंने बिलिंग्स के साथ 90 रन की नाबाद साझेदारी की और अपनी टीम को जीत दिलाकर ही वापस लौटे।
चार विकेट लेकर पंजाब की कमर तोड़ने वाले उमेश यादव- फोटो : IPL/BCCI
कोलकाता के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्षः कोलकाता के तेज गेंदबाज उमेश यादव ने कमाल की गेंदबाजी की। उन्होंने अपने आईपीएल करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टिम साउदी ने भी भरपूर साथ निभाया। वरुण और नरेन की स्पिन जोड़ी भी कमाल की रही और बीच के ओवरों में विकेट चटकाए।
टीम की फील्डिंग भी अच्छी थी और साउदी का कैच तो लाजवाब था। कप्तान श्रेयस अय्यर ने अच्छी बल्लेबाजी की। उन्होंने बड़ी पारी नहीं खेली, लेकिन यह दिखाया की वो अभी भी लय में हैं। 26 रन की छोटी से पारी में उन्होंने कुछ क्लासिक शॉट्स लगाए। वहीं अंत में आंद्रे रसेल और सैम बिलिंग्स ने 90 रन की साझेदारी की। रसेल का लय में लौटना कोलकाता के लिए सबसे अच्छी खबर है।
नकारात्मक पक्षः कोलकाता की टीम में डेथ गेंदबाज की कमी दिखी। अंत के ओवरों में कगिसो रबाडा ने आसानी से रन बटोरे। उमेश यादव पहले ही डेथ ओवर में गेंदबाजी नहीं करते हैं। अब साउदी भी आखिरी ओवरों में मार खा रहे हैं। युवा शिवम मावी भी बहुत महंगे साबित हुए।
इस मैच में कोलकाता को अंतिम ओवरों में ज्यादा गेंदबाजी नहीं करनी पड़ी पर आगे चलकर टीम परेशानी में फंस सकती है। ओपनिंग जोड़ी के साथ टॉप ऑर्डर फिर फ्लॉप रहा। रहाणे, वेंकटेश अय्यर, नीतीश राणा को जिम्मेदारी लेनी होगी और अपनी टीम के लिए बड़ी पारी खेलनी होगी।
पंजाब के लिए ताबड़तोड़ 31 रन बनाने वाले भानुका राजपक्षे- फोटो : IPL/BCCI
पंजाब के लिए मैच में क्या-क्या हुआ
सकारात्मक पक्षः भानुका राजपक्षे ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने पिछले मैच के अपने फॉर्म को इस मैच में भी जारी रखा। वहीं, अंत में कगिसो रबाडा ने भी तेजी से रन बनाए। पंजाब की टीम भले ही पूरे 20 ओवर नहीं खेल पाई, लेकिन टीम का रन रेट काफी बेहतर था।
वहीं गेंदबाजी में राहुल चाहर ने शानदार प्रदर्शन किया। इस सीजन अब तक उनकी गेंद पर कोई चौका या छक्का नहीं लगा है। रबाडा के आने से टीम मजबूत हुई है। टॉस हारकर छोटा स्कोर बनाने के बावजूद टीम ने लड़ने का जज्बा दिखाया और कोलकाता को खासा परेशान किया।
राहुल चाहर
नकारात्मक पक्ष: ओपनिंग बल्लेबाज फ्लॉप रहे। टीम के किसी भी बल्लेबाज ने क्रीज पर रुककर जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करने की कोशिश नहीं की। सभी बल्लेबाज गलत शॉट खेलकर अपना विकेट फेंकते नजर आए। वहीं, गेंदबाजी में राहुल चाहर को छोड़कर कोई भी गेंदबाज प्रभावी नहीं रहा। ओडियन स्मिथ ने तो लगभग 20 की इकोनॉमी से रन दिए। उन्होंने एक ओवर में 30 रन लुटाए।