इस तरह से बने टीम मैन
उन्होंने कहा, ‘हम सभी जानते हैं कि हमारा करियर बहुत लंबा नहीं होता है और 2019 के बाद मुझे अहसास हुआ कि मेर पास अभी 12 या 11 साल बचे हुए हैं और मुझे अपना सारा समय और ऊर्जा एक अच्छा खिलाड़ी और ‘टीम मैन’ बनने पर लगानी चाहिए।’ राहुल ने कहा, ‘सोच में बदलाव में से वास्तव में मदद मिली और जब मैंने टीम के लिए अच्छा करने, एक चैंपियन टीम का हिस्सा बनने और मैच में अपने खेल से बदलाव लाने के बारे में सोचना शुरू किया तो इससे काफी दबाव भी हट गया।’