रोमांचक खिताबी मुकाबले में कोलकाता नाइटराइडर्स ने किंग्स इलेवन पंजाब को तीन विकेट से हराकर आईपीएल का खिताब दूसरी बार जीत लिया।
पंजाब के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज रिद्धिमान साहा ने जब 55 गेंद पर 115 रन की नाबाद पारी खेली तो उसकी जीत निश्चित लगने लगी लेकिन मनीष पांडे ने उसी अंदाज में 50 गेंद में 94 रन की ताबड़तोड़ पारी खेल कोलकाता को 200 रन के लक्ष्य तक 3 गेंद और 3 विकेट शेष रहते पहुंचा दिया।
44 रन देकर 2 विकेट झटकने वाले पीयूष चावला ने अहम मौके पर 5 गेंद में नाबाद 13 रन की महत्वपूर्ण खेली। चावला ने चौका मारकर अपनी टीम को दूसरी बार चैंपियन बनवाया।
मनीष पांडे की आक्रामक बल्लेबाजी
200 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता टीम की हालांकि शुरुआत खराब रही और टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले रॉबिन उथप्पा महज 5 रन बनाकर आउट हो गए।
दूसरे ओपनर और कप्तान गौतम गंभीर भी अच्छी शुरुआत के बाद 23 रन बनाकर आउट हो गए लेकिन मनीष पांडे और यूसुफ पठान ने तीसरे विकेट के लिए 97 रन की साझेदारी कर टीम की उम्मीदों को बरकरार रखा।
मनीष पांडे ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए 50 गेंद में 7 चौके और 6 छक्के उड़ाए जबकि पठान ने 22 गेंद में 4 छक्कों की मदद से 36 रन की पारी खेल पांडे का भरपूर साथ दिया।
इस बार नहीं चल पाए सहवाग
इससे पहले टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर का फैसला शुरुआती 10 ओवरों में सही दिख रहा था। पिछले मैच के शतकवीर वीरेंद्र सहवाग मात्र 7 रन बनाकर आउट हो गए।
बल्लेबाजी में ऊपर आए कप्तान जॉर्ज बैली भी छठे ओवर की पहली गेंद पर मात्र एक रन बनाकर टीम को मुश्किल में छोड़ गए।
यहां से साहा और वोहरा ने मोर्चा संभाला और कोलकाता के स्टार गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए महज 12 ओवर में 129 रन की साझेदारी कर गंभीर के साथ ही टीम के सह मालिक शाहरुख खान के चेहरे को भी मुरझा दिया।
पंजाब के लिए साहा ने खेली आतिशी शतकीय पारी
रिदिमान साहा (नाबाद 115) ने 55 गेंदों पर 10 चौकों और 6 छक्कों की मदद से इस सत्र का तीसरा और टी-20 करियर का अपना पहला शतक मारा। साहा के अलावा उनके साथ शतकीय साझेदारी करने वाले वोहरा ने भी अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली और 52 गेंद पर 67 रन बनाए।
दोनों ने सुनील नारायन जैसे अबुझ स्पिनर की जमकर क्लास ली जिसका नतीजा रहा कि नारायन अपने 4 ओवरों में 46 रन लुटा गए। उनके खाते में एकमात्र सफलता जॉर्ज बैली का विकेट ही रहा।
हालांकि दर्शकों को साहा की इस आतिशबाजी के बीच कुछ निराशा भी हाथ लगी जब ग्लेन मैक्सवेल पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए। पंजाब की ओर से करणवीर सिंह ने सर्वाधिक 4 विकेट लिए लेकिन इसके लिए उन्होंने 54 रन लुटा दिए।