फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

69 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने वाले बल्लेबाज ने लगाए 47 चौके

Thu, 12 Mar 2015 03:14 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
मौजूदा चैंपियन कर्नाटक ने रणजी ट्रॉफी फाइनल के चौथे दिन बुधवार को अपना खिताब पक्का कर लिया क्योंकि मैच ड्रॉ होने की स्थिति में भी कर्नाटक को पहली पारी के आधार विशाल बढ़त हासिल हो चुकी है।
विज्ञापन


बहरहाल, कर्नाटक की निगाहें तमिलनाडु पर बड़ी जीत दर्ज कर खिताब जीतने पर है। कर्नाटक ने पहली पारी में 762 रन विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में तमिलनाडु ने दूसरी पारी में 113 रन पर अपने 3 विकेट गंवा दिए जबकि वह पहली पारी के आधार पर अब भी कर्नाटक से 515 रन पीछे है। तमिलनाडु की पहली पारी महज 134 पर सिमट गई थी।

चौथे दिन का खेल खत्म होने तक बाबा अपराजित 36 रन और वी शंकर 15 रन बनाकर क्रीज पर डटे थे। कर्नाटक ने चौथे दिन 7 विकेट पर 618 रन से आगे खेलना शुरू किया और उसने अपने कुल स्कोर में 144 रन और जोड़े। पहले दिन चायकाल के बाद उतरी कर्नाटक की टीम पहली पारी में 1044 मिनट तक क्रीज पर डटी रही।
विज्ञापन


चौथे दिन पहले सत्र में कर्नाटक ने अपने तिहरे शतकवीर करुण नायर (328) का विकेट गंवाया। लेकिन कप्तान आर विनय कुमार अपना दूसरा रणजी शतक ठोक टीम के स्कोर को साढ़े सात सौ के पार पहुंचाने में सफल रहे। विनय ने अपनी 319 गेंदों की पारी में 10 चौके और 3 छक्के जड़े।
विज्ञापन

69 साल पुराने रिकॉर्ड तोड़ने वाले ने लगाए 46 चौके-छक्के

कर्नाटक के आलराउंडर और कप्तान विनय कुमार रणजी फाइनल में शतक जड़ने वाले पहले कप्तान भी बने। वह विजय हजारे ट्रॉफी के बाद रणजी फाइनल में शतक ठोकने और 5 विकेट लेने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं।

पहले दिन से बल्लेबाजी कर रहे नायर ने नायाब 328 रन बनाए लेकिन वह अपने टीम साथी लोकेश राहुल के सर्वोच्च स्कोर 337 रन को पार नहीं कर सके। साढ़े 14 घंटे से क्रीज पर डटे रहे नायर की पारी चौथे दिन महज 57 मिनट में खत्म हो गई। उन्हें विजय शंकर ने एलबीडब्ल्यू आउट किया।

23 वर्षीय करुण्‍ा नायर ने तीसरे दिन के अपने स्कोर में सिर्फ 18 रन जोड़े। इसके साथ ही वह रणजी फाइनल में सर्वोच्च स्कोरर बने। उन्होंने बड़ौदा के बल्लेबाज गुल मोहम्मद के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

गुल मोहम्मद ने 1946-47 में होल्कर के खिलाफ 319 रन की पारी खेली थी। नायर का यह रिकॉर्ड पांचवें ओवर की दूसरी गेंद पर बना जब वह लक्ष्मीपति बालाजी की गेंद पर चौका उड़ाया। उन्होंने अपने तिहरे शतक के दौरान 46 चौके और एक छक्का उड़ाए। उन्होंने आठवें विकेट के लिए विनय कुमार के साथ 142 रन की साझेदारी की। वह वानखेड़े में रणजी मैच में तिहरे शतक जड़ने वाले तीसरे खिलाड़ी भी बने।

इससे पहले वानखेड़े में संजय मांजरेकर ने 1990-91 में हैदराबाद के खिलाफ 377 रन बनाए थे और सुनील गावस्कर ने 1981-82 में बंगाल के खिलाफ 340 रन की पारी खेली थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें