सुष्मिता सेन के साथ अपने रिश्ते को लेकर सफाई देते हुए ललित मोदी ने काफी लंबा पोस्ट लिखा है। इस दौरान उन्होंने अपनी पहली पत्नी मीनल मोदी के बारे में भी बताया है। उन्होंने बताया कि मीनल शादीशुदा होने के बावजूद 12 साल तक उनकी अच्छी दोस्त थीं। वो उनकी मां की ब्रेस्टफ्रेंड नहीं थीं। ये अफवाहें जानबूझकर फैलाई गई थीं। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि इस छोटी सोच से बाहर निकलने का समय आ गया है।
ललित मोदी ने अपने पोस्ट में मीडिया पर काफी निशाना साधा है और सुष्मिता को लेकर कहा है कि अब लोगों को बातें बनानी बंद कर देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि किसी के भगोड़ कहने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता है।
ललित मोदी-मीनल और ललित मोदी-सुष्मिता सेन
- फोटो : सोशल मीडिया
कौन थी ललित की पहली पत्नी?
विदेश में पढ़ाई के दौरान ललित की मुलाकात मीनल से हुई थी और यहीं उन्हें मीनल से प्यार हो गया था। हालांकि, मीनल सऊदी अरब के बिजनेसमैन जैक सगरानी की पत्नी थीं और उन्होंने ललित का प्रपोजल रिजेक्ट कर दिया। जब मीनल प्रेग्नेंट थीं, तब जैक को एक घोटाले के आरोप में कई महीने के लिए जेल की सजा हुई। इसके कुछ समय बाद मीनल ने जैक से अलग होने का फैसला किया और दिल्ली आ गईं। यहां ललित के साथ उनकी नजदीकियां बढ़ने लगीं और 1991 में दोनों ने शादी कर ली।
ललित ने खुद से नौ साल बढ़ी और एक बच्ची की मां मीनल के साथ सात फेरे लिए। बाद में मीनल दो बच्चों की मां बनी। इनका नाम आलिया मोदी और रुचिर मोदी है, जबकि उनकी पहली बेटी का नाम करीमा है। 10 दिसंबर 2018 को ललित मोदी ने बताया कि उनकी पत्नी मीनल मोदी का निधन हो गया है। मीनल कैंसर से पीड़ित थीं। लंबे समय तक इस बीमारी से लड़ने के बाद वो हार गईं। इसके चार साल बाद ललित का नाम सुष्मिता के साथ जोड़ा जा रहा है।
बीसीसीआई अधिकारियों पर ललित का गंभीर आरोप
ललित मोदी ने कहा "जब 2008 में मैने कहा था कि आईपीएल पर मंदी का असर नहीं पड़ेगा तो सभी उन पर हंस रहे थे। अब वही लोग बीसीसीआई में बैठकर मजे ले रहे हैं। पूरी दुनिया को पता है कि मैंने यह सब अकेले किया। बीसीसीआई के किसी बंदर ने एक काम नहीं किया। सब वहां पर रोज के 500 डॉलर के लिए आए थे। आज आप और किसको जानते हैं, जिसने कुछ ऐसा बनाया है, जो देश को जोड़ता है और खेल का मजा दिलाता है, जो मैंने किया। क्या आपको लगता है कि आपके मुझे भगोड़ा कहने से मुझे फर्क पड़ता है।"
इसके बाद उन्होंने लिखा कि वो एक अमीर घराने में पैदा हुए थे, उन्हें रिश्वत लेने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने यह भी याद दिलाया की वो रायबहादुर गुजरमाल मोदी के सबसे बड़े पोते हैं। उन्होंने आगे लिखा "मैं पैसा लेकर आया, न कि लेकर भागा, और खासकर जनता का पैसा। कभी भी किसी सरकार का पैसा लेकर नहीं भागा। यह आपके जागने का समय है। जब मैं अपने जन्मदिन 29 नवंबर 2005 को बीसीसीआई के साथ जुड़ा था, तब बोर्ड के खाते में 40 करोड़ रुपये थे, जब मुझे बैन किया गया तब तक बोर्ड के खाते में 47,680 करोड़ रुपये आ गए थे। 17 बिलियन अमेरिकी डॉलर। क्या किसी एक जोकर (बीसीसीआई आधिकारी) ने मदद की। उन्हें यह तक पता नहीं था कि सब कुछ शुरू कैसे करना है। अब वो हीरो की तरह व्यवहार करते हैं।"