शिवम को रिंकू पर तरजीह
पिछले आईपीएल में एक ओवर में पांच छक्के जड़कर सुर्खियां बटोरने वाले अलीगढ़ के 26 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज रिंकू पर शिवम दुबे को तरजीह दी गई। आईपीएल के मौजूदा सत्र के शुरुआती 10 मैचों के दौरान चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए अधिक समय क्रीज पर बिताने के कारण दुबे को मौका मिला। मंगलवार को अहमदाबाद में हुई चयन समिति की बैठक की जानकारी रखने वाले लोग इस बात पर सहमत दिखे कि पैनल ने रिंकू को इसलिए बाहर किया होगा क्योंकि उन्हें हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे के रहते 15 खिलाड़ियों में जगह नहीं मिल सकती थी।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम से रिंकू को नुकसान
रिंकू बनाम शिवम
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भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के एक सूत्र ने नाम नहीं छापने की शर्त पर न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया- इसमें कोई संदेह नहीं है कि रिंकू ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम की कीमत चुकाई है। वह दुर्भाग्यशाली हैं। हार्दिक भले ही खराब फॉर्म में हों, लेकिन वह अब भी भारत का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं। उन्हें बाहर करना एक जोखिम भरा फैसला होता क्योंकि वह एकमात्र ऐसे बॉलिंग ऑलराउंडर हैं, जिन्होंने गेंदबाजी की है।
रिंकू को इम्पैक्ट प्लेयर नियम से कैसे नुकसान हुआ?
कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल 2024 में रिंकू को फिनिशर की भूमिका दी और उन्हें कभी भी शीर्ष पांच में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। पिछले साल यही अंतर रहा था। रिंकू शीर्ष चार में बल्लेबाजी के लिए आ रहे थे। नीतीश राणा ने पिछले सीजन रिंकू से ऊपर बल्लेबाजी करवाई थी। वहीं, इस सीजन मेंटर गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर ने चौंकाने वाले फैसले लिए। कोलकाता टीम के लिए भारतीय खिलाड़ियों में कप्तान श्रेयस अय्यर और वेंकटेश अय्यर के साथ अंगकृष रघुवंशी ने अधिकांश ओवर खेले जिससे अंत में रिंकू के पास करने के लिए काफी कुछ नहीं बचा। श्रेयस खुद चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए, जबकि डेथ ओवरों में रिंकू पर वेंकटेश अय्यर को तरजीह दी गई। श्रेयस खुद तो टीम में नहीं चुने गए और रिंकू ने भी टीम में शामिल होने का मौका गंवा दिया।
रिंकू बनाम शिवम किसका बेहतर इम्पैक्ट?
रिंकू बनाम शिवम
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रिंकू को बढ़ावा नहीं देने के लिए नाइट राइडर्स को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन सच कहा जाए तो श्रेयस और वेंकटेश कभी राष्ट्रीय टीम में चयन के दावेदार नहीं थे। इसके विपरीत चेन्नई सुपरकिंग्स और उनके चतुर रणनीतिज्ञ महेंद्र सिंह धोनी 2021 सीजन से दुबे का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया है। टीम चयन से पहले रिंकू ने आठ पारियों में केवल 82 गेंदें खेलीं जो प्रति पारी लगभग 10 गेंद होती हैं। दुबे को मौजूदा सत्र में अब तक नौ मैच में 203 गेंद खेलने को मिली हैं। यह प्रति मैच लगभग 23 गेंद होती है जो रिंकू से 13 अधिक हैं। दुबे ने अब अब 24 चौके और 26 छक्के मारे हैं। रिंकू ने अपनी 82 गेंद में नौ चौके और छह छक्के लगाए हैं।
अंबाती रायुडू से क्यों हो रही रिंकू की तुलना
अंबाती रायडू-हार्दिक पांड्या
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हालांकि, शिवम दुबे ने पिछले कुछ समय से आईपीएल में गेंदबाजी नहीं की है। धोनी ने दुबे का उपयोग धीमी पिच पर पावर हिटिंग के लिए की और उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का दावेदार बनाया। जहां एक तरफ रिंकू को इम्पैक्ट प्लेयर का नुकसान हुआ, वहीं दुबे को इससे काफी फायदा पहुंचा। अब यह देखने वाली बात होगी कि जैसे अंबाती रायुडू का बाहर होना 2019 वनडे विश्व कप से पहले सबसे दुर्भाग्यपूर्ण फैसले में से एक था। फैंस को यह उम्मीद करनी होगी कि मुख्य टीम से रिंकू का बाहर होना भारत के लिए नुकसानदायक न हो।
रिंकू रिजर्व खिलाड़ियों में शामिल हैं और किसी खिलाड़ी के चोटिल या उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें 15 सदस्यीय टीम में मौका मिल सकता है। साथ ही चयनकर्ता 23 मई तक उन्हें टीम में बदलाव कर शामिल कर सकते हैं और इसके लिए किसी कारण की जरूरत नहीं होगी।
टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम
भारतीय टीम
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रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या (उपकप्तान), शिवम दुबे, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज।
रिजर्वः शुभमन गिल, रिंकू सिंह, खलील अहमद, आवेश खान।