इस साल आईपीएल में रन बनाने के लिए संघर्ष करने वाले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ नहीं खेलने पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बताया कि किस कारण उन्हें यह फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था। मैक्सवेल आरसीबी के पिछले मैच के बाद मानसिक स्वास्थ्य मजबूत करने का हवाला देकर इस टूर्नामेंट से अनिश्चितकाल के लिए हट गए थे।
इस सीजन मैक्सवेल नहीं छोड़ पा रहे थे प्रभाव
मैक्सवेल आईपीएल के इस सीजन अब तक छह मैचों में 5.33 की औसत और 94.12 के स्ट्राइक रेट से 32 रन बना पाए हैं। इससे पहले साल 2020 में भी वह खराब फॉर्म से गुजरे थे। तब वह किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के लिए खेलते थे। उन्होंने तब 11 पारियों में 15.42 की औसत और 101.88 के स्ट्राइक रेट से केवल 108 रन ही बनाए थे। उन्होंने उस साल एक भी छक्का नहीं लगाया था। 2015, 2016 और 2018 में भी मैक्सवेल खराब फॉर्म से गुजरे थे।
'मेरा आत्मविश्वास गिर गया था'
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में नहीं खेलने पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि वह ब्रेक के कारण बाहर नहीं हुए थे, बल्कि उनका मानना था कि वह आरसीबी की बेस्ट प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह दी देखते थे। उन्होंने कहा, मेरा आत्मविश्वास काफी गिर गया था। मैं अपने गेम प्लान के अनुसार काम नहीं कर पा रहा था, इसलिए मैं कप्तान फाफ डुप्लेसिस के पास गया और उनसे कहा कि मेरे स्थान पर किसी और को टीम में लेना चाहिए। यही बात मैंने कोच एंडी फ्लावर से भी कही थी। मेरा मानना था कि इससे किसी अन्य खिलाड़ी को मेरी जगह खेलने का मौका मिलेगा। मैं अपने निर्णय से संतुष्ट हूं। मुझे हिप स्ट्रेन की भी समस्या है और ब्रेक लेने से मुझे इससे उबरने का समय भी मिलेगा। अगर मेरे लिए कोई खाली जगह होगी तो मैं जरूर उसे भुनाने की कोशिश करूंगा। हालांकि इस साल मैंने वैसा प्रदर्शन नहीं किया जिससे मेरी जगह टीम में पक्की हो।
एमएलसी में खेलते दिखेंगे मैक्सवेल
मैक्सवेल ने भले ही आईपीएल से अनिश्चितकाल के लिए ब्रेक ले लिया है, लेकिन वह इस साल अमेरिका की टी20 लीग मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) में खेलते नजर आएंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनसार, मैक्सवेल ने इसके लिए वॉशिंगटन फ्रीडम के साथ करार किया है। एमएलसी का आयोजन अमेरिका और वेस्टइंडीज में जून में होने वाले टी20 विश्व कप के तुरंत बाद होगा।