अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) की विशेष समिति ने बोर्ड को सुझाव दिया है कि वह मुजीब उर रहमान, फजलहक फारूकी और नवीन उल हक को अगले दो साल तक आईपीएल खेलने के लिए नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं दे। मुजीब को कोलकाता नाइट राइडर्स ने ऑक्शन में खरीदा, जबकि फजलहक और नवीन के आईपीएल के आगामी सत्र में क्रमश: सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जाइंट्स की ओर से खेलने की उम्मीद है।
एसीबी ने एक विशेष समिति की सिफारिश के बाद इन तीनों के लिए 2024 के एनुअल सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट को स्थगित करने का फैसला किया। इन पर आरोप है कि वह अफगानिस्तान के लिए खेलने के बजाय अपने निजी हितों को प्राथमिकता देते हुए दूसरी लीग में शामिल हुए।
एसीबी ने सोमवार को जारी बयान में समिति के एक सदस्य के हवाले से कहा, ''तीनों खिलाड़ियों ने एसीबी को अपने फैसले से औपचारिक रूप से अवगत कराया और एक जनवरी 2024 से शुरू होने वाले वार्षिक केंद्रीय अनुबंध से खुद को मुक्त करने की इच्छा व्यक्त की और साथ ही राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनकी भागीदारी के लिए उनकी सहमति पर विचार करने का अनुरोध किया।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का यह फैसला राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए लिया गया है, जो एसीबी के मूल मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप है। यह प्रत्येक खिलाड़ी के लिए एसीबी के सिद्धांतों को बनाए रखने और अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर देश के हितों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।