रैना धोनी की गैरमौजूदगी में कमान संभाल रहे थे, जबकि जडेजा को आईपीएल 2022 में टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले पूरी तरह से नया कप्तान बनाया गया था। हालांकि, टीम का प्रदर्शन उस सीजन बेहद खराब रहा था
चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल 2024 के शुरू होने से ठीक पहले कप्तानी में बड़ा बदलाव कर सभी को चौंका दिया है। 22 मार्च को आईपीएल का आगाज होना है और पहले मैच में सीएसके और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीमें आमने-सामने होंगी। हालांकि, इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को सीएसके मैनेजमेंट ने नए कप्तान की घोषणा करते हुए 27 साल के ऋतुराज गायकवाड़ को कप्तानी सौंप दी है।
आईपीएल 2008 से खेला जा रहा है और पिछले 16 साल में ऋतुराज चेन्नई के सिर्फ चौथे कप्तान हैं। इससे पहले धोनी के अलावा सुरेश रैना और रवींद्र जडेजा टीम की कमान संभाल चुके हैं। रैना धोनी की गैरमौजूदगी में कमान संभाल रहे थे, जबकि जडेजा को आईपीएल 2022 में टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले पूरी तरह से नया कप्तान बनाया गया था।
हालांकि, टीम का प्रदर्शन उस सीजन बेहद खराब रहा था और आधे सीजन के बाद धोनी ने कप्तानी वापस ले ली थी और 2023 में अपनी कप्तानी में टीम को पांचवीं बार खिताब दिलाया था। अब फिर से टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले धोनी और सीएसके टीम मैनेजमेंट ने सभी को चौंकाया है।
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ऋतुराज, धोनी और जडेजा
- फोटो : IPL
जडेजा के साथ अनुभव अच्छा नहीं रहा
2022 आईपीएल शुरू होने से ठीक पहले धोनी ने कप्तानी से खुद को डिमोट करके जडेजा को चेन्नई के कप्तान के तौर पर प्रमोट किया था। हालांकि, यह फैसला चेन्नई के लिए बुरा साबित हुआ और टीम जडेजा की कप्तानी में शुरुआती आठ मैचों में से सिर्फ दो में जीत पाई थी और छह में उसे हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद धोनी ने बीच टूर्नामेंट फिर से कमान संभाली। हालांकि, टीम 2022 में अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही थी। 2023 में धोनी ही कप्तान रहे और टीम चैंपियन बनी।
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महेंद्र सिंह धोनी और ऋतुराज गायकवाड़
- फोटो : सोशल मीडिया
ऋतुराज से काफी उम्मीदें
ऋतुराज धोनी के उत्तराधिकारी होंगे, इसको लेकर चर्चाएं 2023 आईपीएल से ही चल रही हैं। अब इस सीजन जाकर इस पर मुहर लग गया है। ऋतुराज को कप्तानी का अनुभव है। वह पिछले साल हांगझोऊ एशियाई खेलों में टीम इंडिया की कमान संभाल चुके हैं और तब भारत ने स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि, उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती सीनियर खिलाड़ियों को मैनेज करना होगा। जडेजा, मिचेल जैसे सीनियर खिलाड़ी टीम में हैं। हालांकि, धोनी के रहने से ऋतुराज को ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। ये देखना दिलचस्प होगा कि कप्तानी से हटने के बाद धोनी विकेटकीपर की जिम्मेदारी संभालेंगे या फिर इम्पैक्ट सब के तौर पर सिर्फ बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आएंगे।
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महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : IPL/BCCI
अचानक फैसला लेकर सबको चौंकाते हैं धोनी
यह पहली बार नहीं है कि धोनी ने अचानक लिए फैसले से सबको चौंकाया। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी टेस्ट और वनडे की कप्तानी धोनी ने अचानक ही छोड़ी थी। हालांकि, इसमें कोई शक नहीं कि चाहे अंतरराष्ट्रीय करियर हो या आईपीएल करियर, धोनी की कैप्टेंसी रिकॉर्ड की कोई बराबरी नहीं है।
भारतीय टीम 2014 में ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर गई थी। तब एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में धोनी चोट की वजह से नहीं खेले। दूसरे टेस्ट में उन्होंने वापसी की और कप्तानी की। दूसरे टेस्ट के बाद धोनी ने अचानक टेस्ट से संन्यास लेने का एलान कर दिया। उस फैसले ने भारतीय क्रिकेट के सभी फैन्स को चौंका कर रख दिया था।
ऐसा ही कुछ 2017 में हुआ। 2017 में धोनी ने अचानक से वनडे और टी-20 की कप्तानी छोड़ना का एलान किया था। हालांकि, वह 2019 वर्ल्ड कप तक सीमित ओवर क्रिकेट खेलते रहे। इसके बाद एक साल तक धोनी ने किसी को कोई जानकारी नहीं दी कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलेंगे या नहीं।
15 अगस्त 2020 को शाम सात बजे के आसपास धोनी ने अचानक से वनडे और टी-20 से भी संन्यास का एलान कर दिया। फैन्स के लिए वह काफी दुखद पल था। अब आईपीएल में भी धोनी ने कुछ वैसा ही किया है। माना जा रहा है कि यह धोनी का आखिरी आईपीएल हो सकता है। इसके बाद वह संन्यास ले लेंगे।
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आईपीएल 2024
- फोटो : IPL
कैप्टन धोनी का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाम आईपीएल रिकॉर्ड
अंतरराष्ट्रीय करियर में धोनी ने 300 से ज्यादा मैचों में कप्तानी की और उसमें उनकी जीत का प्रतिशत 50 फीसद से ऊपर रहा। वनडे, टी-20 और टेस्ट मिलाकर धोनी ने 332 मैचों में टीम इंडिया की कमान संभाली। इसमें से 178 मैचों में जीत मिली, जबकि 120 मैचों में भारत को हार का सामना करना पड़ा। धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने टी-20 वर्ल्ड कप (2007), वनडे वर्ल्ड कप (2011) और चैंपियंस ट्रॉफी (2013) का खिताब अपने नाम किया।
वहीं, आईपीएल की बात करें तो धोनी ने 2008 यानि पहले सीजन में ही चेन्नई की कप्तानी संभाली थी। पिछले 16 सीजन में धोनी ने 212 मैचों में सीएसके की कप्तानी की। इसमें से चेन्नई ने 128 मैच जीते और 82 में हार का सामना करना पड़ा। दो मैच बेनतीजा रहे। धोनी के नेतृत्व में चेन्नई सुपर किंग्स ने पांच बार (2010, 2011, 2018, 2021 और 2023) आईपीएल ट्रॉफी जीती और दो चैंपियंस लीग (2010, 2014) का खिताब अपने नाम किया। एक सीजन (2016) वह राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स की कप्तानी भी कर चुके हैं।
कुल मिलाकर, धोनी ने सभी प्रतियोगिताओं (आईपीएल और चैंपियंस लीग) को मिलाकर 235 मैचों में सीएसके की कप्तानी की। सीएसके की निरंतरता ऐसी थी धोनी के नेतृत्व में टीम केवल दो सीजन 2020 और 2022 में शीर्ष चार से बाहर रही, जबकि 2010 से 2013 तक लगातार चार वर्षों समेत कुल 10 बार फाइनल में पहुंची। उन्होंने 2016 और 2017 में सीएसके के आईपीएल से दो साल के प्रतिबंध के दौरान 14 मैचों के लिए राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स की कप्तानी भी की। कुल मिलाकर उन्होंने 226 आईपीएल मैचों में सीएसके टीम का नेतृत्व किया, जो कप्तानी लीडरबोर्ड में उन्हें रोहित शर्मा (158) से काफी आगे रखता है।
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आईपीएल 2024
- फोटो : IPL
धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया को मिली कामयाबी
धोनी को टी-20 अंतरराष्ट्रीय की कप्तानी 2007 में सौंपी गई थी। तब उन्होंने टी-20 विश्व कप में भारत को जीत दिला, सबका दिल जीता था। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन्हें वनडे की कप्तानी भी सौंप दी थी। धोनी की ही कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में त्रिकोणीय वनडे सीरीज में हराया था। 2008 में खेले गए इस सीरीज का नाम कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, भारत के अलावा श्रीलंका तीसरी टीम थी।
2008 में अनिल कुंबले के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद धोनी को टेस्ट की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। इसके बाद धोनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और टीम इंडिया को लगातर कामयाबी की ऊंचाइयों पर ले गए। धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया 2010 में टेस्ट में नंबर एक टीम बनी थी। वहीं, 2011 में भारत ने श्रीलंका को हराकर वनडे विश्व कप भी जीता था। 2013 में भारत ने धोनी की कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में इंग्लैंड को उसी के घर में हराया था।
2008 आईपीएल ऑक्शन के सबसे महंगे खिलाड़ी थे धोनी
2008 मेंं ही आईपीएल की घोषणा हुई। इसके बाद हुए ऑक्शन में धोनी को चेन्नई ने छह करोड़ रुपये में खरीदा था। वह उस ऑक्शन के सबसे महंगे खिलाड़ी रहे थे। इसके बाद धोनी का चेन्नई और चेन्नई का धोनी से ऐसा दिल लगा कि वे सीएसके के रहते किसी और टीम के लिए खेले ही नहीं। 2016 और 2017 में चेन्नई पर बैन लगा था, तभी बस धोनी को मजबूरन राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स से खेलना पड़ा था। धोनी की कप्तानी में सीएसके की टीम वाकई चैंपियन की तरह खेली।