इससे पहले 2017 और 2022 में भी 23 अप्रैल के दिन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के मैच में कोहली गोल्डन डक का शिकार हो चुके हैं। 23 अप्रैल 2017 को बैंगलोर का मैच कोलकाता नाइट राइडर्स से था। पहले बल्लेबाजी करते हुए कोलकाता ने 19.3 ओवर में 131 रन बनाए थे। जवाब में बैंगलोर की टीम 9.4 ओवर में 49 रन पर सिमट गई थी। कोहली और गेल ओपनिंग उतरे थे। कोहली अपनी पहली ही गेंद पर नाथन कुल्टर नाइल का शिकार बने थे। वह खाता भी नहीं खोल सके थे। यह मैच कोलकाता ने 82 रन से जीता था।
इसके बाद पिछले साल यानी 23 अप्रैल 2022 को बैंगलोर का मैच सनराइजर्स हैदराबाद से था। इस मैच बैंगलोर की टीम ने पहले बल्लेबाजी की थी और कोहली तीसरी नंबर पर बल्लेबाजी करने आए थे। हालांकि, वह पहली ही गेंद पर आउट हो गए और गोल्डन डक का शिकार हुए। कोहली को मार्को यानसेन ने मार्करम के हाथों कैच कराया। इस मैच में बैंगलोर की टीम 16.1 ओवर में 68 रन पर सिमट गई थी। जवाब में हैदराबाद ने आठ ओवर में एक विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया था।
इसके अलावा कोहली ने एक अनचाहा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वह आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा बार गोल्डन डक होने के मामले में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। आईपीएल में सबसे ज्यादा बार गोल्डन डक होने का रिकॉर्ड राशिद खान के नाम है। वह 10 बार यह कारनामा कर चुके हैं। वहीं, कोहली सात बार गोल्डन डक का शिकार हो चुके हैं। उनके साथ सुनील नरेन और हरभजन सिंह भी संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं। ये दोनों भी सात-सात बार गोल्डन डक हुए।
मैच की बात करें तो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में नौ विकेट गंवाकर 189 रन बनाए। फाफ डुप्लेसिस 39 गेंदों में 62 रन और ग्लेन मैक्सवेल 44 गेंदों में 77 रन बनाकर आउट हुए। जवाब में राजस्थान की टीम 20 ओवर में छह विकेट गंवाकर 182 रन बना सकी। देवदत्त पडिक्कल ने 34 गेंदों में 52 रन और यशस्वी जायसवाल ने 37 गेंदों में 47 रन की पारी खेली। ध्रुव जुरेल ने 16 गेंदों में नाबाद 34 रन बनाए।