भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने यो-यो टेस्ट पास कर लिया है। उन्होंने बुधवार (16 मार्च) को बेंगलुरु के नेशनल क्रिकेट एकेडमी में अपना फिटनेस टेस्ट दिया। इस दौरान हार्दिक ने गेंदबाजी भी की। अब वे आईपीएल में गुजरात टाइटन्स की कप्तानी करने के लिए पूरी तरह से तैयार हो गए हैं। बीसीसीआई आईपीएल से पहले अपने सभी केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों (चोटिल) की फिटनेस की जांच कर रहा है। दूसरी ओर, दिल्ली कैपिटल्स के ओपनर पृथ्वी शॉ यो-यो टेस्ट में फेल हो गए हैं। उन्हें बीसीसीआई का केंद्रीय अनुबंध नहीं मिला है। इस कारण वे यो-यो टेस्ट में फेल होने के बावजूद आईपीएल में खेल सकते हैं।
एनसीए में अपने दो दिनों के दौरान पंड्या के प्रदर्शन को भी भारतीय क्रिकेट के लिए एक अच्छे संकेत के रूप में देखा जा रहा है। बीसीसीआई के सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "एक बात साफ कर दूं कि फिटनेस टेस्ट उन्हीं खिलाड़ियों का हुआ है जो चोट के बाद यहां आए हैं। जहां तक हार्दिक की बात है तो आईपीएल के व्यस्त सीजन से पहले उनके फिटनेस की जांच की जा रही थी। वे महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं।"
एनसीए की टीम ने हार्दिक के लिए गेंदबाजी को जरूरी नहीं बनाया था, लेकिन वे खुद ही गेंद फेंकना चाहते थे। हार्दिक यह देखना चाह रहे थे कि वे भारतीय टीम में वापसी के लिए सही राह पर हैं या नहीं। बीसीसीआई के सूत्र ने आगे कहा, "उन्हें एनसीए में गेंदबाजी करने की आवश्यकता नहीं थी, लेकिन उन्होंने काफी समय तक और 135 किमी प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी की। दूसरे दिन उन्होंने 17-प्लस स्कोर के साथ यो-यो टेस्ट को पास किया। यह कट-ऑफ से बहुत ज्यादा है।" हार्दिक पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप में खेले थे। उसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। फिर हार्दिक ने फिटनेस को ठीक करने के लिए जमकर मेहनत की।
यो-यो टेस्ट पास करने के लिए 16.5 का स्कोर पार करना पड़ता है, लेकिन पृथ्वी शॉ 15 का स्कोर ही निकाल पाए। सूत्र ने कहा, "यह केवल फिटनेस का आकलन है। इससे पृथ्वी को आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से खेलने से नहीं रोका जा सकता है।"