कैसा रहा दोनों कप्तानों का प्रदर्शन?
हैदराबाद की टीम लगातार दो मैच जीत चुकी है और अब केन विलियम्सन की कप्तानी भी प्रभावी नजर आ रही है। इस मैच में भी उन्होंने अपने चिर परिचित अंदाज में अपनी टीम को मैच जिताया। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और अपने गेंदबाजों को सही तरीके से चलाया। गुजरात को छोटे स्कोर पर रोका और बल्लेबाजी के दौरान संयम के साथ खेले। अपनी टीम की जीत पक्की करने के बाद वो आउट भी हुए, लेकिन तब तक गुजरात की टीम मैच से बाहर हो चुकी थी।

गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या मुश्किल हालातों में दबाव में आ गए। उन्होंने 50 रन जरूर बनाए, लेकिन अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्हें विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस मैच में उन्होंने 42 गेंद में 50 रन बनाए। उनकी धीमी पारी की बदौलत गुजरात 20 ओवर में 162 रन ही बना सकी। गेंदबाजी में भी हार्दिक जल्दी विकेट निकालने के लिए राशिद खान को पहले ला सकते थे, लेकिन उन्होंने खुद दूसरा ओवर किया और अंत में यह मैच हार गए।
गुजरात के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष: शुभमन गिल के न चलने पर भी टीम 162 तक का स्कोर बना पाई। इसकी संभावना कम दिख रही थी। कप्तान हार्दिक ने अर्धशतक लगाया। वहीं अभिनव मनोहर ने भी अच्छी पारी खेली। शमी, हार्दिक और राशिद ने अच्छी गेंदबाजी की। हार्दिक और राशिद को एक-एक विकेट मिला। वहीं शमी को कोई सफलता नहीं मिली, लेकिन तीनों गेंदबाजों ने ज्यादा रन नहीं खर्चे।
नकारात्मक पक्ष: गिल के फ्लॉप होते ही सभी बल्लेबाज दबाव में आ गए और टीम बड़ा स्कोर नहीं बना पाई। गुजरात की मजबूत गेंदबाजी भी फ्लॉप रही। पावरप्ले में गेंदबाज कोई विकेट नहीं ले पाए। फर्ग्यूसन ने चार ओवरों में 46 रन दिए। दर्शन नालकंडे ने 10.20 और राहुल तेवतिया ने 10 की इकोनॉमी से रन खर्चे। इसी वजह से टीम मैच हार गई।
हैदराबाद के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष: हैदराबाद की टीम लगातार दूसरा मैच जीती है। कप्तान विलियम्सन ने अर्धशतक लगाया और अभिषेक शर्मा ने भी 42 रन की बेहतरीन पारी खेली। ओपनिंग जोड़ी के रन बनाने से टीम की बल्लेबाजी मजबूत दिख रही है। वहीं गेंदबाज भी अच्छी लय में दिखे। सभी गेंदबाजों ने कंजूसी से रन खर्चे और भुवनेश्वर-नटराजन ने विकेट भी निकाले।
नकारात्मक पक्ष: हैदराबाद की टीम ने इस मैच में कुल 22 अतिरिक्त रन दिए। 20 ओवर के मैच में यह बहुत ज्यादा अतिरिक्त रन थे। गुजरात की पारी में हार्दिक और अभिनव मनोहर के बाद तीसरा सबसे ज्यादा योगदान अतिरिक्त रनों का था। अकेले भुवनेश्वर ने 12 अतिरिक्त रन दिए। कप्तान विलियम्सन ने अर्धशतक जरूर लगाया, लेकिन धीमी पारी खेली। छोटा लक्ष्य होने के कारण बाकी बल्लेबाजों को तकलीफ नहीं हुई, लेकिन बड़ा लक्ष्य मिलने पर विलियम्सन की धीमी बल्लेबाजी टीम को मुश्किल में डाल सकती है।