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Ashish Nehra: आशीष नेहरा को आरसीबी ने नहीं माना था योग्य, गुजरात ने दिया मौका, नारियल पानी पीकर रच दिया इतिहास

Mon, 30 May 2022 05:52 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईपीएल नीलामी के बाद आशीष नेहरा की जमकर आलोचना हुई। कहा गया कि अनुभव की कमी के कारण वो एक बेहतरीन टीम नहीं बना सके। उन्होंने ऐसे कई खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया जो अपनी राष्ट्रीय टीम से भी बाहर हो चुके हैं। कुछ ऐसे युवा थे जिन्हें कम ही लोग जानते थे।
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आशीष नेहरा - फोटो : IPL/BCCI
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विस्तार
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भारत के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा हंसी-मजाक के लिए जाने जाते हैं। उनके साथ खेल चुके वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने हमेशा नेहरा के बारे में एक बात कही है कि वो कभी भी दबाव में नहीं आते। हमेशा हंसी-मजाक करते रहते हैं। शायद इसी कारण रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर सहित कई फ्रेंचाइजियों ने उन्हें अपनी टीम का मुख्य कोच नहीं बनाया। नई फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस ने नेहरा पर भरोसा जताया और गैरी कर्स्टन के टीम से जुड़ने के बावजूद उन्हें मुख्य कोच बनाया।
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मीडिया में कुछ दिनों पहले यह खबर सामने आई थी कि नेहरा ने आरसीबी द्वारा हटाए जाने के बाद किसी टीम से जुड़ने के लिए एक शर्त रखी थी। वो मुख्य कोच के तौर पर भी किसी टीम से जुड़ना चाहते थे। आरसीबी ने उन्हें 2018 में गेंदबाजी कोच बनाया था। वो टीम के साथ 2019 में भी रहे। नेहरा ने आरसीबी के बारे में कहा था- टीम विराट कोहली और एबी डिविलियर्स पर ज्यादा निर्भर है। हर बार पूरी टीम बदलने से फायदा नहीं होगा। नेहरा और आरसीबी मैनेजमेंट में मनमुटाव की खबरें आई थीं। इस पर किसी को विश्वास नहीं हुआ था।

आशीष नेहरा - फोटो : IPL/BCCI
नीलामी के बाद हुई थी नेहरा की आलोचना
आईपीएल नीलामी के बाद आशीष नेहरा की जमकर आलोचना हुई। कहा गया कि अनुभव की कमी के कारण वो एक बेहतरीन टीम नहीं बना सके। उन्होंने ऐसे कई खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया जो अपनी राष्ट्रीय टीम से भी बाहर हो चुके हैं। कुछ ऐसे युवा थे जिन्हें कम ही लोग जानते थे। यह भी कहा गया कि चार-पांच खिलाड़ियों के दम पर कैसे गुजरात की टीम आईपीएल में बेहतर प्रदर्शन कर पाएगी।



खिलाड़ियों को किया एकजुट
आशीष नेहरा ने इन सवालों को नजरअंदाज किया। उन्होंने खिलाड़ियों को एकजुट किया और ऐसा मंत्र दिया कि टीम चैंपियन बन गई। गुजरात की टीम किसी एक खिलाड़ी के बदौलत नहीं, बल्कि सभी खिलाड़ियों के योगदान से टूर्नामेंट जीती। कप्तान हार्दिक पांड्या ने भी चैंपियन बनने के बाद कहा कि टीम ने यह बता दिया कि एकजुट होकर किसी भी टूर्नामेंट को जीत सकते हैं।
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आशीष नेहरा - फोटो : IPL/BCCI
स्मार्टफोन और लैपटॉप का नहीं है शौक
आशीष गुजरात के मुकाबलों के दौरान डगआउट में लगातार घूमते रहते थे। कभी उन्हें चिल्लाते या भड़कते हुए नहीं देखा गया। घूम-घूम कर नारियल पानी पीते थे और खिलाड़ियों को सलाह देते थे। नेहरा ने एक इंटरव्यू में खुद ही कहा था, ''मुझे स्मार्टफोन या लैपटॉप चलाने नहीं आता। बेसिक फोन से काम चलाता हूं। पत्नी के अनुरोध पर एक स्मार्टफोन खरीदा हूं जिसका इस्तेमाल सिर्फ व्हाट्सएप चलाने के लिए करता हूं।'' नेहरा को कभी भी डगआउट में लैपटॉप चलाते नहीं देखा गया। हमेशा कागज और कलम ही उनके हाथ में होता था।

आईपीएल जीतने वाले पहले भारतीय कोच
आशीष नेहरा ने गुजरात के साथ ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया। 2008 से आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स, डेक्कन चार्जर्स, चेन्नई सुपरकिंग्स, कोलकाता नाइटराइडर्स, मुंबई इंडियंस, सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस की टीम चैंपियन बनी है। यह पहला अवसर है जब किसी भारतीय कोच ने यह खिताब जीता हो। चार बार न्यूजीलैंड के स्टीफेन फ्लेमिंग, तीन बार श्रीलंका के महेला जयवर्धने और दो बार ऑस्ट्रेलिया के ट्रेवर बैलिस टूर्नामेंट जीत चुके हैं। इस लिस्ट में अब नेहरा का भी शामिल हो गया। टॉम मूडी, रिकी पोंटिंग, जॉन राइट, डैरेन लेहमैन और शेन वॉर्न एक-एक बार बतौर कोच चैंपियन बने।
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