मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं वेंकटेश
वेंकटेश अय्यर मध्यप्रदेश के इंदौर के रहने वाले हैं। 25 दिसंबर 1994 को उनका जन्म हुआ। बचपन से ही उनकी रुचि पढ़ने में थी। लेकिन अपनी मां के कहने पर उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया। वेंकटेश के मुताबिक, मुझे क्रिकेटर बनाने में मां का सबसे ज्यादा योगदान है।
पढ़ने में अव्वल
वेंकटेश अय्यर शुरू से ही पढ़ने में अव्वल हैं और वह अपनी कक्षा के टॉपर रहे हैं। वेंकटेश खुद कहते हैं कि मैं एक मेधावी छात्र था मेरा एकेडेमिक की तरफ झुकाव था, यह आमतौर पर दूसरा रास्ता है, खासकर भारतीय परिवारों में जहां माता-पिता बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करते हैं, मेरे मामले में मेरी मां ने मुझे क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया।
मां के प्रेरित करने पर खेलना शुरू किया क्रिकेट
मां के द्वारा प्रेरित करने पर वेंकटेश ने क्रिकेट खेलना शुरू किया। उन्होंने बीकॉम करने के बाद चार्टर्ड अकाउंट की प्रवेश परीक्षा पास कर ली। लेकिन उन्होंने सीए और क्रिकेट में से क्रिकेट को चुना। साल 2018 में बड़े अकॉउंटिंग संगठन डेलॉयट ने बेंगलुरु में उन्हें नौकरी का ऑफर दिया था। लेकिन रणजी खेलने के लिए उन्होंने इस नौकरी को ठुकरा दिया। इसके बाद 2018 में ही उन्हें मध्यप्रदेश की रणजी में चुना गया।
मां को डर था कहीं ज्यादा पढ़ने से वेंकटेश बीमार न हो जाए
वेंकटेश घर में दिन/रात पढ़ाई करते थे। उन्हें पढ़ाई करने में तल्लीन देखकर मां को डर था कहीं उनका बेटा बीमार न पड़ जाए। इसलिए वेंकटेश की मां ने उन्हें क्रिकेट खेलने के लिए भेजा ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर रहे। ईएसपीएनक्रिकइंफो के दिए साक्षात्कार में वेंकटेश ने कहा, मैंने क्रिकेट मां के कहने पर खेलना शुरू किया, शायद उन्हें यह चिंता थी कि सारा दिन घर में पढ़ाई करने से मेरे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
मध्यप्रदेश के लिए खेलना शुरू किया क्रिकेट
आईपीएल खेलने से पहले वेंकटेश मध्यप्रदेश के लिए टी-20 और 50 ओवरों की क्रिकेट में डेब्यू कर चुके थे। वह राज्य की अंडर-23 टीम के कप्तान भी थे। साक्षात्कार में वेंकेटेश आगे कहते हैं, मैंने अपना सीए छोड़ कर फाइनेंस में एमबीए करने का फैसला किया, मैंने बहुत सारी प्रवेश परीक्षा दी, अच्छे अंक प्राप्त किए और बेहतरीन कॉलेज में दाखिला लिया, मैं इस बात को लेकर खुश था कि अपनी पढ़ाई के साथ-साथ मैं क्रिकेट खेल पाया।
मां को दिया धन्यवाद
26 वर्षीय वेंकेटेश अय्यर को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ 20 सितंबर को खेले गए मैच से पहले केकेआर की तरफ से कैप मिली। यह उनका डेब्यू आईपीएल मैच था। जिसके बाद उन्होंने अपनी मां का आभार प्रकट किया। वह आईपीएल में अब दो मैच खेल चुके हैं और दोनों ही मुकाबलों में उन्होंने कमाल की पारियां खेली हैं।