स्टार स्पोर्ट्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड में बात करते हुए सुरेश रैना ने कहा, हमने भारत और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बहुत मैच खेले हैं, वह सीएसके और भारत के लिए 200 मैच खेल चुके हैं। रैना ने कहा, मुझे लगता है कि यह सिर्फ भावना है और इसके ऊपर हमारे मन में एक-दूसरे के लिए सम्मान है, मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है, वह मेरे बड़े भाई की तरह हैं, हमने बहुत सारी ट्रॉफी साथ-साथ जीती हैं। लेकिन मुझे लगता है कि एक दूसरे के लिए हमारे मन में जो विश्वास है, वह सम्मान बहुत बड़ा है।
उन्होंने आगे कहा, हमें उम्मीद है कि जब हम आईपीएल के लिए दुबई जाएंगे तो इसे दोबारा धोनी के लिए जीतना चाहेंगे। रैना के मुताबिक, इस साल जैसा हमने खेला है उससे मुझे उनकी कप्तानी में अतिरिक्त विश्वास मिला है, हम सफलता को एक दूसरे के साथ एंज्वॉय करते हैं, धोनी सभी खिलाड़ियों को खासकर मोइन अली, सैम करन, ड्वैन ब्रावो, ऋतुराज गायकवाड़ और फाफ डु प्लेसिस को खुलकर खेलने की आजादी देते हैं।
इस दौरान रैना ने पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप मैच को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ साल 2011 विश्व कप में खेला गया मैच उनका सबसे यादागार मुकाबला है। मोहाली में खेले गए विश्व कप सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराया था, पाकिस्तान अपने पूल में टॉप पर था उसने बहुत सारे मैच श्रीलंका में खेले थे। रैना ने आगे कहा, मैं कहना चाहुंगा कि 2011 विश्व कप के बाद से भारतीय टीम काफी मजबूत हुई है।
रैना के मुताबिक 2011 क्रिकेट विश्व कप हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण था क्योंकि इसका आयोजन हमारी धरती पर हुआ जिसका फाइनल जीतने के लिए दबाव था। जब आप पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हो तब आप निश्चिंत होते हो कि आपको बेहतर करना है। ऐसे में आप सही इरादे के साथ कड़ी मेहनत, योजानाएं और दूसरी चीजों पर काम करते हो। हमने कड़ी मेहनत की और पूरी टीम ने अच्छा खेला।