यह टेस्ट कोई भी भारतीय क्रिकेट फैन नहीं भूल सकता। 16 नवंबर 2013 को दोपहर के समय जब 'क्रिकेट के भगवान' माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने माइक अपने हाथ में लेकर विदाई भाषण दिया तो अधिकांश आंखें भीगी हुई थीं। 14 नवंबर 2013 से मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर हुआ यह टेस्ट तीन दिन के भीतर ही खत्म हो गया।
भारत ने इस टेस्ट में वेस्टइंडीज को एक पारी और 126 रन के विशाल अंतर से मात दी। कैरीबियाई टीम को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला और उसकी पहली पारी 182 रन पर ऑलआउट हुई। जवाब में टीम इंडिया ने 495 रन बनाए।
अपने इंटरनेशनल करियर का आखिरी और 200वां टेस्ट खेल रहे सचिन तेंदुलकर ने 74 रन बनाए। चेतेश्वर पुजारा 113 और रोहित शर्मा 111 ने भी बेहतरीन पारी खेली। इसके बाद विंडीज की दूसरी पारी 187 रन पर ऑलआउट हुई। टीम इंडिया की वेस्टइंडीज पर पारी के अंतर से यह सबसे बड़ी जीत है।
राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग
टीम इंडिया ने मुंबई में 9 अक्टूबर 2002 से शुरू हुए इस टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और तीसरे ही दिन टेस्ट अपने नाम किया।
पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने वीरेंद्र सहवाग (147) और राहुल द्रविड़ (100 रिटायर्ड हर्ट) की बेहतरीन पारियों की बदौलत 457 रन बनाए। भारतीय टीम की पहली पारी 163।5 ओवर में 457 रन पर ऑलआउट हुई।
जवाब में वेस्टइंडीज की पहली व दूसरी पारी क्रमशः 157 और 188 रन पर ऑलआउट हुई। भारत की तरफ से पहली पारी में अनिल कुंबले और जहीर खान ने 4-4 विकेट लिए। दूसरी पारी में हरभजन सिंह ने 7 जबकि अनिल कुंबले ने तीन विकेट चटकाए।
कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट करियर का पहला शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ ही बनाया था। 21 जुलाई 2016 को संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के नॉर्थ साउंड में शुरू हुआ टेस्ट 24 जुलाई 2016 को खत्म हो गया।
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। कोहली ने 283 गेंदों में 24 चौको की मदद से 200 रन बनाए। रवि अश्विन ने 253 गेंदों में 12 चौकों की मदद से 113 रन बनाए। भारत ने अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 566 के स्कोर पर घोषित की।
विशाल स्कोर के सामने विंडीज टीम बौनी साबित हुई और उसकी पहली पारी 243 रन पर सिमट गई। उमेश यादव और मोहम्मद शमी ने 4-4 विकेट झटके। अमित मिश्रा को दो सफलताएं मिलीं।
दूसरी पारी में भी विंडीज टीम टक्कर नहीं दे सकी और 78 ओवर में 231 रन पर ढेर हो गई। भारत ने तरह मुकाबला एक पारी और 92 रन के अंतर से जीता। रवि अश्विन ने सात विकेट चटकाए, जबकि इशांत शर्मा, उमेश यादव और अमित मिश्रा को एक-एक विकेट मिला। अश्विन को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। यह एशिया के बाहर टीम इंडिया की पारी के अंतर से सबसे बड़ी जीत भी रही।
टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच कोलकाता में 6-8 नवंबर 2013 तक टेस्ट खेला गया। कैरीबियाई कप्तान डैरेन सैमी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। उसकी पहली पारी 234 रन पर ऑलआउट हुई। भारत की तरफ से मोहम्मद शमी ने सर्वाधिक चार विकेट लिए। रवि अश्विन ने भी दो विकेट झटके।
जवाब में टीम इंडिया ने 453 रन बनाए। 'हिटमैन' रोहित शर्मा ने टेस्ट डेब्यू करते हुए 177 रन की उम्दा पारी खेली। रवि अश्विन (124) ने भी विंडीज गेंदबाजों की जमकर खबर लेते हुए शतक जमाया।
इसके बाद शमी ने अपनी रफ्तार से कैरीबियाई बल्लेबाजों को खूब डराया और पांच विकेट झटके। अश्विन की फिरकी भी विंडीज बल्लेबाजों के लिए काल बनी, जिन्होंने तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज की दूसरी पारी 168 रन पर ही सिमट गयी और भारत ने यह टेस्ट एक पारी और 51 रन से जीता। रोहित शर्मा को डेब्यू मैच में शतक जमाने के लिए मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया।
टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच यह टेस्ट चेन्नई में 11-15 जनवरी 1988 तक खेला गया। भारतीय कप्तान रवि शास्त्री ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। कपिल देव (109) के शतक की बदौलत भारत ने पहली पारी में 382 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की पहली पारी 184 रन पर ही सिमट गई। भारत की तरफ से डेब्यू करने वाले लेग स्पिनर नरेंद्र हिरवानी ने 8 विकेट लिए।
इसके बाद भारतीय टीम ने डब्ल्यूवी रमन (83) की उम्दा पारी की मदद से अपनी दूसरी पारी 8 विकेट पर 217 रन के स्कोर पर घोषित की और कैरीबियाई टीम के सामने 416 रन का लक्ष्य रखा।
नरेंद्र हिरवानी ने फिर अपना जलवा बिखेरा और पहली पारी के समान दूसरी पारी में भी 8 विकेट झटके। वेस्टइंडीज की दूसरी पारी सिर्फ 160 रन पर ढेर हुई और भारत ने 255 रन के विशाल अंतर से यह मैच अपने नाम किया।