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मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़: यह है तीनों राज्यों की वर्तमान राजनीतिक तस्वीर

Sat, 06 Oct 2018 01:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कुल पांच राज्यों में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको लेकर भाजपा और कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है। चुनावी रैलियों का दौर जारी है। एक-दूसरे पर आरोप भी लगाए जा रहे हैं। 

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बहरहाल, चुनावों की अगर बात करें तो मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पहले से ही भाजपा की सरकार है और वहां उनकी स्थिति भी काफी मजबूत है। कांग्रेस के लिए इन राज्यों में भाजपा को हरा पाना काफी मुश्किल लगता है। हालांकि मिजोरम में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है और वो वहां काफी मजबूत स्थिति में दिख रही है। 

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ये भी पढ़ें - पांच राज्यों में चुनावों की तारीखों का एलान, 11 दिसंबर को आएंगे नतीजे

मध्य प्रदेश का चुनावी समीकरण 

मध्य प्रदेश में पिछले 15 सालों से भाजपा सत्ता पर काबिज है। पिछले तीन चुनावों में भाजपा ने कांग्रेस को बुरी तरह हराया था। साल 2013 में हुए चुनाव में भाजपा ने कुल 230 सीटों में से 165 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस को महज 58 सीटें ही मिली थीं। वहीं, बसपा ने 4 सीटों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 सीटों पर कब्जा जमाया था। 

इस बार भाजपा भी मुश्किल में 

इस बार के चुनाव में भाजपा के सामने भी कई चुनौतियां होंगी। इनमें से एक है जातिगत समीकरण, जो चुनाव का समीकरण बिगाड़ सकते हैं। 

दरअसल, इस वक्त एससी-एसटी एक्ट में संशोधन को लेकर प्रदेश में समाज बंटता हुआ दिखाई दे रहा है। राज्य में सामान्य, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के वोट 60 फीसदी से ज्यादा हैं और ये वर्ग एससी-एसटी एक्ट और एससी-एसटी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के खिलाफ है। इन मुद्दों पर ये वर्ग भाजपा के विरोध में खड़ा दिखाई दे रहा है। लिहाजा भाजपा के लिए इससे निपटना काफी मुश्किल भरा होगा। 

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राजस्थान का चुनावी समीकरण

Election State wise
राजस्थान में इस वक्त राज्य में भाजपा की सरकार है, लेकिन चुनावी आंकड़े बताते हैं कि 1993 के बाद से यहां लगातार दो बार कोई भी पार्टी सत्ता में नहीं आ सकी है। कभी भाजपा की सरकार बनती है तो कभी कांग्रेस राज्य की सत्ता पर काबिज हो जाती है। 

पिछले चुनाव की अगर बात करें तो भाजपा ने कुल 200 सीटों में से 163 सीटों पर कब्जा जमाया था, जबकि कांग्रेस महज 21 सीटें ही जीत पाई थी। वहीं, बहुजन समाज पार्टी को 3, नेशनल पीपुल्स पार्टी को 4, नेशनल यूनियनिस्ट जमींदारा पार्टी को 2 सीटें मिली थीं, जबकि 7 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे। 

इस बार भी भाजपा ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को सीएम पद का उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से उनके सामने सचिन पायलट हैं। 

छत्तीसगढ़ का चुनावी समीकरण 

मध्य प्रदेश की तरह ही छत्तीसगढ़ में भी भाजपा कांग्रेस के सामने पहाड़ की तरह खड़ा है। पिछले 15 सालों से यहां भी भाजपा की सरकार है। हालांकि साल 2000 में राज्य के गठन के बाद कांग्रेस सत्ता पर काबिज हुई थी, लेकिन उसके बाद से हुए तीन चुनावों में उसे लगातार हार का सामना करना पड़ा है। 

2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर जरूर दी थी, लेकिन फिर भी उसे हार का सामना करना पड़ा था। राज्य की कुल 90 सीटों में से भाजपा ने 49 सीटें जीती थी, जबकि कांग्रेस ने 39 सीटों पर कब्जा जमाया था। इसके अलावा एक सीट पर बहुजन समाज पार्टी ने जीत दर्ज की थी, जबकि बाकी बची एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने कब्जा जमाया था। 

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