वैसे तो टीम इंडिया के कई बल्लेबाजों ने साल 2014 में बेहतरीन पारियां खेली है। जिनमें कई वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बने। इन शानदार पारियों के बदौलत इन बल्लेबाजों ने टीम को न सिर्फ संकट से उबारा बल्कि विपक्षी गेंदबाजों को छकाने में भी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी।
इनके बल्लेबाजी के हुनर ने टीम को वर्ल्ड की नम्बर वन टीम बनाया और भारत की झोली में कई ट्रॉफियां भी डाल दी। विश्व विजेता बनने का सपना भी पूरा हुआ।
एक वक्त ऐसा भी आया जब मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, भारत की दीवार राहुल द्रविड़, पूर्व कप्तान सौरव गांगुली सरीखे दिग्गजों के सन्यास के बाद भारतीय टीम में संभालने का संकट पैदा हो गया था लेकिन इन्होंने सभी चुनौतियां निभाई।
आइए जानते हैं ऐसे भारतीय बल्लेबाजों की यादगार पारियां।
वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुका है यह बल्लेबाज
13 नवम्बर का दिन शायद ही किसी भारतीय के जेहन से निकला हो। यह दिन भारत के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा की यादगार पारी का साक्षी है। इस दिन रोहित ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसे तोड़ना अभी मुमकिन नहीं है। उनकी यह पारी आज भी उतनी ही यादगार है।
इस दिन रोहित शर्मा ने कोलकाता के ईडन गार्डन में श्रीलंकाई टीम के खिलाफ एक वनडे मैच में 264 रन ठोक डाले थे। पांच वनडे मैचों की सीरीज का यह चौथा मैच था। रोहित शर्मा के ताबड़तोड़ 264 रनों की बदौलत टीम इंडिया यह मैच 153 रनों से जीत गई थी।
इस मैच में इंडिया के 404 रनों का पहाड़ जैसे स्कोर के सामने पूरी श्रीलंकाई टीम 251 पर ढ़ेर हो गई थी।
जब हारने के बाद भी दिल जीत गया यह खिलाड़ी
वैसे तो वनडे टीम के उपकप्तान विराट कोहली के नाम इस वर्ष काफी यादगार पारियां है लेकिन एडिलेड टेस्ट में कप्तानी के तौर पर खेली गई उनकी पारी यादगार है। बॉर्डर गावस्कर सीरीज के इस पहले मैच में विराट ने पहली बार टेस्ट टीम की अगुवाई की और आलोचकों से लेकर प्रशंसकों सभी का दिल जीत लिया।
इस मैच्ा में भले ही टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दर्ज नहीं कर पाई लेकिन विराट का प्रदर्शन काफी यादगार रहा। विराट ने दोनों पारियों में शानदार शतक लगाए। विराट ने पहली पारी में 115 और दूसरी पारी में 141 रन बनाए।
टीम इंडिया में जीत का दूसरा नाम है रैना
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के सबसे चहेते बांये हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना के हुनर को कौन नहीं जानता। बैटिंग हो या फिंल्डिंग सभी में उनका कोई सानी नहीं है। विपक्षी टीम के मुंह से जीत का निवाला छीनकर अपनी टीम को तोहफे में देना उनकी खास आदतों में शामिल है।
रैना के अगस्त महीने में सेंचुरियन मैदान में खेली गई पारी यादगार है। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई आतिशी पारी को शायद ही कोई भूला होगा।
पांच वनडे मैचों की सीरीज के दूसरे मैच में रैना ने आते ही इंग्लैंड के गेंदबाजों ही हालत पस्त कर दी थी। मात्र 74 गेंदो में उन्होंने 131 रन ठोक डाले। उनकी आतिशी पारी की बदौलत भारत मैच जीत गया।
हालांकि उनके साथ इस यादगार पारी में कप्तान धोनी ने भी शतक जमाया था लेकिन मैन ऑफ द मैच रैना ही चुने गए थे।
गावस्कर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर के 37 साल पुराने रिकॉर्ड को भारतीय टीम के मौजूदा ओपनर बल्लेबाज मुरली विजय ने बराबरी कर ली है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया ब्रिसबेन मैच भारतीय टीम हार गई लेकिन यह बात बेहद कम लोगों को पता है कि इस मैच की पहली पारी में मुरली विजय ने शानदार शतक जमाकर इतिहास रच दिया है।
एडिलेड टेस्ट में शानदार शतक जमाने के बाद दूसरे टेस्ट में भी उनकी पारी अद्भुत थी। इस मैच में मुरली ने पहली पारी में शानदार 141 रन बनाए थे।
इस पारी के साथ ही मुरली विजय ने भारत के पहले ओपनर सुनील गावस्कर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। 1977 में ब्रिसबेन टेस्ट में भारत के लिटिल मास्टर गावस्कर ने भारत के पहले ओपनर के तौर पर शतक जमाया था। उनके बाद मुरली विजय ने यह कारनामा कर दिखाया है।