पिछले दो मैचों में बल्लेबाजों के लगातार खराब प्रदर्शन के बाद आखिरकार सीरीज के आखिरी मैच में भारतीय धुरंधरों ने कुछ साहस दिखाया। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भले ही शतक से एक रन से चूक गए लेकिन उन्होंने युवा बल्लेबाज विराट कोहली (103) रन के साथ पांचवें विकेट के लिए 198 रन की मैराथन साझेदारी कर टीम को फिलहाल संकट से निकाल लिया। इंग्लैंड ने पहली पारी में 330 रन बनाए थे जिसके जवाब में भारत ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक आठ विकेट 297 रन बना लिए हैं। हालांकि अभी भी दबाव टीम इंडिया पर ही है क्योंकि सीरीज में 1-2 से पिछड़ने के बाद उसे इस मैच में हर हाल में जीत हासिल करना होगा। ड्रा की स्थिति में भी सीरीज पर इंग्लैंड का कब्जा हो जाएगा।
सुबह भारत ने चार विकेट पर 87 रन से आगे खेलना शुरू किया। धोनी और कोहली ने पहले दो सत्रों में कोई विकेट नहीं गंवाया और एक समय लग रहा था कि टीम मैच के तीसरे दिन ही बढ़त बनाने में कामयाब हो जाएगी लेकिन, इस जोड़ी के टूटते ही बल्लेबाजी एक बार फिर लड़खड़ा गई। इस जोड़ी को ग्रीम स्वान ने कोहली को एलबीडब्लू आउट कर तोड़ा। हालांकि ऐसा लग रहा था कि गेंद बल्ले का अंदरूनी किनारा लेने के बाद पैड से टकराई थी।
कोहली ने 295 गेंदों में 11 चौकों की मदद से 103 रन बनाए जो उनके कैरियर का तीसरा शतक है। इसके बाद कैरियर का पहला मैच खेल रहे रविंद्र जडेजा भी 12 रन पर जेम्स एंडरसन का शिकार हो गए। अभी स्कोर में सात रन ही जुड़ा था कि धोनी भी जल्दबाजी में रनआउट हो गए। धोनी ने 246 गेंदों की अपनी पारी में आठ चौके और एक छक्का लगाया लेकिन शतक पूरा करने की हड़बड़ाहट में अपना विकेट गंवा दिया। पीयूष चावला मात्र एक रन बनाकर स्वान की गेंद पर बोल्ड हो गए।
भारत ने 28 रन के अंतराल में चार विकेट गंवा दिए और वह चार विकेट पर 269 रन की सुखद स्थिति से दिन की समाप्ति तक आठ विकेट पर 297 रन के स्कोर पर पहुंच गया। स्टंप्स के समय आर अश्विन सात रन बनाकर खेल रहे थे। अश्विन ने जिस तरह की बल्लेबाजी इस सीरीज में की है उससे एक बार फिर से उनसे बढ़त दिलाने की उम्मीद जाग गई है। इंग्लैंड की ओर से जेम्स एंडरसन ने सवार्धिक चार जबकि स्वान ने तीन विकेट लिए।