बुधवार को खेले गए इस टी-20 मुकाबले में भारत की तरफ से देवदत्त पडीक्कल, ऋतुराज गायकवाड़, नितीश राणा और चेतन सकारिया ने डेब्यू किया। दूसरे टी-20 मैच में भारत का प्रदर्शन काफी खराब रहा। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर महज 132 रन बनाए। श्रीलंका ने दो गेंदें शेष रहते हुए यह मुकाबला 4 विकेट से जीत लिया। इस हार के बाद टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ ने भारतीय खिलाड़ियों को खरी-खोटी सुनाई।
हार के बाद द्रविड़ काफी निराश दिखे और उन्होंने कहा, हमने एकदिवसीय सीरीज जीतने के बाद कुछ खिलाड़ियों को आखिरी में मौका दिया, यहां कि परिस्थितियों ने हमें श्रृंखला जीतने से पहले ऐसा करने पर मजबूर कर दिया है, मुझे भरोसा है कि अगर आपको भारत के लिए खेलने के लिए टीम में चुना गया है चाहें 15वें खिलाड़ी हों या 20वें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, आप अंतिम एकादश में खेलने के लिए काफी बेहतर हैं।
टीम इंडिया में जिन खिलाड़ियों को मौका दिया गया वह सफल नहीं रहे। कोच राहुल द्रविड़ ने आगे कहा, निश्चित रुप से मुझे कोई संदेश नहीं दिया गया है, मैं टीम देखता हूं, जो 20 लड़के यहां हैं उनमें से प्रत्येक का चयन उनकी काबिलियत के आधार पर किया गया है। जिसके चलते वह श्रीलंका दौरे पर आए हैं। यह भारत में आसान नहीं है, हर बार ऐसा नहीं है कि हम प्रत्येक को मौका देने जा रहे हैं, लेकिन जितना हो सके उतने देने में सक्षम होना वास्तव में अच्छा है।
द्रविड़ ने कहा कि मुझे तर्क नहीं आता, जैसा कि मैनें कहा, यदि आपको 15 सदस्यीय टीम में चुना गया है जो कोरोना की वजह से 20 हो गई, तो आपको यह ध्यान में रखते हुए टीम में चुना गया है कि आपको किसी भी समय अंतिम 11 में खेलने का मौका मिल सकता है, आपने वह मुकाम हासिल किया है जिसके चलते आपको कैप दी गई, यह आप पर निर्भर है कि आप अवसर को लें और प्रदर्शन करें। उन्होंने आगे कहा, टीम में खिलाड़ियों का चयन छुट्टियां मनाने के लिए नहीं होता है।