इस मैच में दीपक चाहर की बात करें तो वह उस वक्त बल्लेबाजी करने आए जब भारत के 193 रनों पर सात विकेट गिर चुके थे। ऐसे में टीम इंडिया की जीत की उम्मीद कम ही थी। लेकिन किस पता था कि यह दीपक दिन है और वह मुकाबले में छा जाएंगे। पहले उन्होंने मैच में धीमी शुरूआत की। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता उन्होंने हालात के मुताबिक गियर बदला। इस दौरान भुवनेश्वर कुमार ने सीट एंकर की भूमिका निभाई और उनके साथ मैदान पर डटे रहे।
बल्लेबाजी करते हुए दीपक चाहर ने इस मैच में इतिहास रच दिया। वह भारत की तरफ से आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 50 या उससे अधिक रन बनाने वाले टीम इंडिया के सातवें बल्लेबाज हैं। आठवें नंबर पर भारत की तरफ से रवींद्र जडेजा ने सबसे ज्यादा तीन, अजीत अगारकर दो, कपिल देव, सबा करीम, सुनील जोशी, इरफान पठान और दीपक चाहर ने एक-एक बार 50 ये उससे अधिक रन बनाए हैं।
वहीं अगर साझेदारी की बात की जाए तो आठवें विकेट के लिए वनडे में भारत की तरफ से यह दूसरी सबसे बड़ी पार्टनरशिप है। इससे पहले साल 2017 में महेंद्र सिंह धोनी और भुनवेश्वर कुमार ने श्रीलंका के खिलाफ अविजित 100 रनों की साझेदारी की थी। वहीं अब दीपक चाहर और भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी आठवें विकेट के लिए नाबाद 84 रनों की साझेदारी कर दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। इसके अलावा साल 2009 में हरभजन सिंह और प्रवीण कुमार ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आठवें विकेट के लिए 84 रन जोड़े थे।