धवन की अनुपस्थिति में रोहित शर्मा के साथ लोकेश राहुल पारी का आगाज करने के लिए उतर सकते हैं। धवन का बायें हाथ के अंगूठे में फ्रेक्चर के कारण अगले तीन मैचों में खेलना संदिग्ध है। इससे विराट कोहली और रवि शास्त्री को दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो मैचों में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा।
रोहित और धवन ने मिलकर सलामी जोड़ी के रूप में 4681 रन बनाए हैं और ऐसे में टीम को बाएं हाथ के बल्लेबाज की कमी खलेगी। इस तरह की परिस्थितियों में पारी का आगाज करना हालांकि आसान नहीं होगा लेकिन राहुल मौके का फायदा उठाने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। उनके सामने दूसरे छोर पर खड़े रोहित शर्मा का उदाहरण होगा जिन्होंने पहले दो मैचों में शतक और अर्द्धशतक जमाया।
धवन की चोट से मुश्किलें हुई हैं लेकिन उसके कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं। इससे पहले भारत को यह पता करने का मौका मिलेगा कि उसका ‘प्लान बी’ कितना कारगर है। राहुल के शीर्ष क्रम में आने का मतलब है कि विजय शंकर और दिनेश कार्तिक में से किसी को नंबर चार पर उतारा जाएगा। शंकर में ऑलराउंड क्षमता है तो कार्तिक अनुभवी हैं।
काले घने बादल और नमी वाली परिस्थितियों को देखते हुए मोहम्मद शमी को भी कलाई के किसी स्पिनर के बदले अंतिम एकादश में रखा जा सकता है। अगर शंकर और कार्तिक दोनों को अंतिम एकादश में जगह मिलती है तो केदार जाधव को बाहर बैठना होगा। टीम में इस तरह के बदलाव के लिए इससे आदर्श समय नहीं हो सकता है। टूर्नामेंट का अभी केवल दूसरा सप्ताह है तथा बृहस्पतिवार को उछाल वाले लेकिन बल्लेबाजी के लिए अनुकूल विकेट पर मैच होगा।
न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट इन हालात में घातक साबित हो सकते हैं। हालांकि उनकी गेंदबाजी शैली परिस्थितियों पर निर्भर नहीं रहती है। ओवल में अभ्यास मैच में भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी में डाला था। अन्य तूफानी गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन भी ट्रेंटब्रिज के विकेट से खुश है जिससे उछाल मिल सकती है।
वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस उछाल का ही फायदा उठाया था। न्यूजीलैंड ने अब तक अपने तीनों मैच जीते हैं और उसकी टीम आत्मविश्वास से भरी है। वह अपना विजय अभियान जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रिकॉर्ड के लिए बता दें कि इन दोनों टीमों के बीच इंग्लैंड की सरजमीं पर विश्व कप में अब तक जो तीन मैच खेले गए हैं उन सभी में कीवी टीम विजयी रही है। कोहली की टीम के लिए उसके इस विजय अभियान पर रोक लगाने की भी चुनौती होगी।
भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, केदार जाधव, विजय शंकर, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, दिनेश कार्तिक, रवींद्र जडेजा, शिखर धवन में से।
न्यूजीलैंड : केन विलियमसन (कप्तान), मार्टिन गुप्टिल, मैट हेनरी, टॉम लैथम, कॉलिन मुनरो, जिमी नीशाम, हेनरी निकोल्स, मिशेल सेंटनर, ईश सोढ़ी, ट्रेंट बोल्ट, कॉलिन डि ग्रैंडहोम, लॉकी फर्ग्यूसन, टिम साउथी, रॉस टेलर, टॉम ब्लंडेल (विकेटकीपर)।